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Best 2 Lines Shayari in Hindi, दो लाइन के शेर | अध्याय 10

August 25, 2022

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वक्त पे न पहचाने कोई ये अलग बात,
वैसे तो शहर में अपनी पहचान बहुत हैं।।।


कहाँ तलाश करोगे तुम मुझ जैसा कोई…..
जो तुम्हारे सितम भी सहे…. 

और तुमसे मुहब्बत भी करे ॥


मुझे यकीन है मोहब्बत उसी को कहते हैं,
के ज़ख़्म ताज़ा रहे और निशान चला जाए..


ज्यादा कुछ नहीं बदला
ज़िन्दगी में,
बस बटुए थोड़े भारी
और
रिश्ते थोड़े हलके हो गए !


Bin Tere Mujko Zindagi Se Khauff Lagta Hai……
Kisto Kisto Mein Marr Raha Hu Aisa Roz Lagta Hai


काश कुछ दिनों के लिए,
दुनियाँ को छोड़ जाना मुमकिन होता !

सुना है लोग बहुत याद करते हैं,
दुनियाँ से चले जाने के बाद !


हजारो बार ली हैं तलाशियाँ तुमने मेरे दिल की,
बताओ कभी कुछ मिला है तुम्हारे सिवा !


अजीज़ तो हम भी सब के थे,

फ़राज़
मगर सिर्फ उनके मतलब निकल जाने तक……..


रूठा हुआ है मुझसे इस बात पर ज़माना,
शामिल नहीं है मेरी फ़ितरत में सर झुकाना.


Hazaron Aib He Mujh Me,
Mujhe Maloom He Lekin…


Koi Ek Shaks He Aisa,
Jo Mujhe Anmol Kehta He…


न करना वक्त से तुम बदतमीजी…
कि वो अक्सर पलटकर बोलता है !


वोह अल्फ़ाज़ ही क्या जो समझानें पढ़ें,
हमने मुहब्बत की है कोई वकालत नहीं ।


ये तेरे याद के बादल जो बसते हे 
इन आँखों में काजल की तरह….
यूँ बेवजह बरसजाना…………. 

तो इनकी आदत ना थी….!


कल रात उसको ख्वाब मे गले से लगाया था मैने…
आज दिन भर मेरे दोस्त मेरी महक का राज पूछते रहे…



सिमटते जा रहें हैं….
दिल और ज़ज्बात के रिश्ते….
सौदा करने मे जो माहिर है….

बस वही धनवान है…



पता है मैं हमेशा खुश क्यों रहता हूँ ?
क्योंकि मैं खुद के सिवा किसी से
कोई उम्मीद नहीं रखता..



मैंने सारी रात पत्तियों को देखा बारिश के पानी को बूँद बूँद रिहा करते हुए…
किसी अपने को खोना भी शायद ऐसा ही कुछ लगता हैं…



जानता हूँ खुद को…
इसलिए खुद से बहस नहीं करता…



सच बोलता हूँ तो टूट जाते हैं रिश्ते,
झूठ कहता हूँ तो खुद टूट जाता हूँ….



हालात ने तोड़ दिया हमें कच्चे धागे की तरह…
वरना हमारे वादे भी कभी ज़ंजीर हुआ करते थे..



किसने कहा,
मेरे दिल में मेहमान बन के आया कर ऐ-दोस्त,

ये तेरी सल्तनत है,
जब भी आए,
सुलतान बन के आया कर…



Acha Hua Maloom Ho Gaya,
Apno Ki Mohabbat Ab Mohabbat Nahi Rahi,

Warna Hum Toh Apna Ghar Bhi Chhod Rahe They,
Unke Dil Main Rehne Ke Liye



दुश्मनों से मुहब्बत होने लगी है मुझे,
जैसे-जैसे दोस्तों को आज़माता जा रहा हूँ मैं…



“तन्हाईयां जाने लगी जिंदगी मुस्कुराने लगी,
ना दिन का पता है ना रात का पता.


आप की दोस्ती की खुशबू हमे महकाने लगी,
एक पल तो करीब आ जाओ धड़कन भी आवाज़ लगाने लगी..

जो लम्हे हैं चलो हँस कर बिता ले…!
जाने कल जिंदगी का क्या फैसला होगा !



जब भी वो उदास हो उसे
मेरी कहानी सुना देना ,

मेरे हालात पर हंसना उसकी पुरानी आदत
है .



इक उम्र गुजार दी हमने,
रिश्तों का मतलब समझने में..

लाेग मशरूफ हैं,
मतलब के रिश्ते बनाने में…!



बुलन्दियों को पाने की ख्वाहिश तो बहुत थी…
लेकिन,
दूसरो को रौंदने का हुनर कहां से लाता!



आज मेरे शहर में धुप खिली खिली सी है..
पता नहीं सूरज निकला है या घर से वो निकली है..



मै फिर से निकलूँगा तलाशने को मेरी जिन्दगी में खुशियाँ यारों……
दुआ करना इस बार किसी से मोह्हबत ना हो ..



Mohabbat Mein Kisi Ka Imtihan Na Lo Kbi,
Jo Nibha Naa Sako Wo Vada Na Do Kbi,

Jisy Tum Bin Rehny Ki Adat Hi Na Ho,
Usy Jeny Ki Dua Naa Do Kbi.



थोड़ी बहुत मुहब्बत से काम नहीं चलता ऐ दोस्त,
ये वो मामला है जिसमें या सब कुछ या कुछ भी नहीं..



खामोशी की जुबां बयां कर देती है सब कुछ,
जब दिल का रिश्ता जुड जाता है किसी से …



यह आरजू नहीं कि किसी को भुलाएं हम,
न तमन्ना है कि किसी को रुलाएं हम,

जिसको जितना याद करते हैं,
उसे भी उतना याद आयें हम.



“खोने की दहशत और पाने की चाहत न होती,
तो ना ख़ुदा होता कोई और न इबादत होती .



जुबां तो खोल,
नज़र तो मिला,
जवाब तो दे..

मै तुझपे कितनी बार लुटा हूँ मुझे हिसाब तो दे…



मुझसे नफरत कर…
“बेशक कर “.!

पर उतनी ही कर,
जितनी तुने मोहब्बत की थी..



मेरी तबाही का इल्जाम अब शराब पर है…
करता भी क्या..
बात जो तुम पर आ रही थी….



तेरे आने से पहले उदासी रहती है,
तेरे जाने के बाद उदासी छाती है…


इस बीचजो वक़्त गुज़रता है उसे मैं
ज़िन्दगी नाम देता हूँ…



कभी ऐसी भी बेरुखी देखी है तुमने
“”एय दिल “”
लोग आप से तुम ,


तुम से जान ,
और जान
से अनजान हो जाते हैं…



जीँदगी हो या शतरंज,
मजा तभी है दोस्त,

जब रानी मरते दम तक साथ हो…….



इन बादलों का मिजाज
मेरे महबूब से बहुत मिलता है ।
कभी टूट के बरसते हैं कभी बेरुखी से गुज़र जाते हैं ।



चाँद का मिजाज भी,
तेरे जैसा है..

जब देखने की तम्मना होती है,
नज़र नहीं आता…



इसे लबों से चूमते हैं… ज़ुबाँ से छेड़ते
हैं…बूँद-बूँद… धीरे धीरे… ये शराब हैं
जनाब… इसे हम यूँ ही नहीं पीते..



हर रिश्ते मे मिलावट देखीं,
कच्चे रँगों क़ी सजावट देखी।


लेकिन सालों-साल देखा है माँ को,
उसके चेहरे पर ना थकावट देखीं,
ना ममता मे मिलावट देखी।



तेरी यादों की उल्फ़त से सजी है महफिल मेरी …..

मैं पागल नही हुँ ..
? जो तुझे भूल कर वीरान
हो जाऊ…



मियाँ..
मरने के लिए थोड़ा सा,
लेकिन जिंदा रहने के लिए बहुत सारा जहर पीना पड़ता है ।



खवाहिश नही मुझे मशहुर होने की….
तुम मुझे पहचानते हो,
बस इतना ही काफी है..



“तकदीर ने जैसा चाहा ढल गये हम,
यूं तो संभल कर चले थे फिर भी फिसल गये हम,

अपना यकीन है कि दुनिया बदल गयी,
पर सबका खयाल है कि बदल गये हम.”



कुछ रिश्तो में इन्सान अच्छा लगता है.
और कुछ इन्सानों से रिश्ता अच्छा लगता है..



यु तो क्या कहे की जिंदगी ने इम्तेहान बहुत लिए…
आँखों में आंसू कम,
पर दिल पे जख्म कई दिए…


हर पर ख़ुशी की तलाश में भटकती रही जिन्दगी…
ख़ुशी न मिली,
तो गम छुपाने के लिए मुस्कुरा दिए…



खुल जाता है उस की यादों का बाज़ार सुबह सुबह,
बस मेरा दिन इसी रौनक में गुज़र जाता है ।



कौन है इस जहाँ मे जिसे धोखा नहीं मिला,
शायद वही है ईमानदार जिसे मौक़ा नहीं मिला…



“वक़्त बदलता है हालात बदल जाते हैं,
ये सब देख कर जज़्बात बदल जाते हैं


ये कुछ नही बस वक़्त का तक़ाज़ा है दोस्तो,
कभी हम तो कभी आप बदल जाते हैं.”



“शाम खाली है जाम खाली है,
ज़िन्दगी यूँ गुज़रने वाली है,
…”



Lehro Ko Khamosh Dekhkar Yeh Nah Samaj Ki 
Samandar Mai Ravangi Nahi Hai..

Hum Jab Bhi Uthege Tufan Banke 

Uthege Bas Uthne Ki Abhi Thani Nahi Hai…!



तेरे लबों पे चंद जमी हुई शिक़ायतें…
ख़ामोशी मुझको अक्सर सुनाया करती हैं…



Mujhe Mere Kal Ki Fikar Aaj Bhi Nahi Hai..
Par Khuwahish To Tujhe Paane Ki Qayamat Tak Rahegi..



वोह कबसे तलवार लिये मेरे पीछे भाग रही है…
मैने तो मजाक मै कहा था की…
दिल चीर के दैख… तेरा ही नाम होगा…



जो तेरी आंखो से बयान होते हैं,
वो लफ़्ज़ किताबों मे कहाँ मिलते हैं…



कुछ रिश्तें मेहँदी के रंग की तरह हाेते है,

शुरूआत में चटख़ ,
बाद में फिके पड जाते है..



मरने की लाखो वजह देती है दुनिया
पर जीने की वजह तो बस एक तू है ..



रिश्तों की ख़ूबसूरती एक दूसरे की बातें बर्दाश्त करने में है,
ख़ुद जैसा इन्सान तलाश करोगे तो अकेले रह जाओगे।



Wo Mujh Se Bichda To Bichad Gye Zindagi..
Mein Zinda To Raha Magar Zindon Me Na Raha..



ज़िन्दगी तुझसे हर कदम पर समझौता करूँ,
शौक जीने का है मगर इतना भी नहीं।L



Jis Din Band Kar Li Maine Ankhe,
Kai Ankho Se Uss Din Aansu Barsenge,

Jo Kehte Hai K Bahut Tang Karta Hu 

Me Wahi Meri Ek Sharart Ko Tarsenge…



अब हम इश्क के उस मुक़ाम पर आ चुके हैं
जहां दिल किसी और को चाहे भी तो गुनाह होता है..



“समंदर की लहरों पर,
पैरों के निशान बना सकता हूँ!

तुम साथ ग़र दो तो,
जमीं पर आसमां बना सकता हूँ!



सीख रहा हूं अब मैं भी इंसानों को पढने का हुनर
सुना है चेहरे पे किताबों से ज्यादा लिखा होता है…..



ये भी अच्छा है सिर्फ सुनता है;
दिल अगर बोलता तो कयामत हो जाती ।



दो दिन का कर के इश्क़ ज़िन्दगी भर का ग़म दे दिया..
कमबख्त इतना सूद तो किसी मुनीम ने भी ना लिया…



तुम सामने आये तो,
अजब तमाशा हुआ..

हर शिकायत ने जैसे,
खुदकुशी कर ली..



कोई मुझ से पूछ बैठा ‘बदलना’ किस को कहते हैं?
सोच में पड़ गया हूँ मिसाल किस की दूँ ?
“मौसम” की या “अपनों” की ??!



मुहमाँगा दाम दूंगा यारों…
मुझे इक ऐसे काबिल
सपेरे से मिलवा दो …


कि जो आस्तीन में छुपे
साँपों को बाहर निकाल सके ..



अभी मसरूफ हूँ काफी कभी फुरसत में सोचूंगा,

कि तुझको याद रखने में,
मैं क्या-क्या भूल जाता हूँ….



एक पल है बहुत खुद को समझने के लिए ।
और उस पल के लिए उमर गुजर जाती है ।



हम समझते कम और समझाते ज्यादा हैं …
इसलिए सुलझते कम और उलझते ज्यादा हैं ….



Zakham De Kar Na Puch Dard Ki Shiddat,
Dard To Phir Dard Hai,
Kam Kya,
Zeyaada Kya….



आदत हो गयी है तेरे करीब रहने की……
तेरी सांसो की खुशबु वाला इत्र मिलता है कही….!



Naa Aarzoo Hai Jeene Ki,
Na Fariyaad Hai Jaane Ki…


Agar Khuda Ek Pal Bhi Mujhe Dede Mere Marzi Ka…
Us Pal Me Koshish Kar Lunga Tujhe Sada K Liye Paane Ki…



Aaj Mere Dil Ko Ek Toofan Ne Rohnd Diya !
Galati Shayad Hamari Hi Thi !

“Kambakht” Aanshu Samaj K Usko Apni Aankho Se Jo Bahne Na Diya !



हादसे से बड़ा हादसा ये हुआ.,
लोग ठहरे नहीं हादसा देखकर……..



बच्चों के छोटे हाथों को चाँद सितारे छूने दो;
चार किताबें पढ़कर वो भी हमारे जैसे हो जाएंगे।



वो चुपके से जरूर आएगी मिलने मुझसे….
हकीकत नही तो “सपने” मे ही सही…



“ऐ मौत उन्हें भुलाए जमाने गुजर गए,
आ जा कि जहर खाए जमाने गुजर गए…


ओ जाने वाले !
आ कि तेरे इंतजार में
रास्ते को घर बनाए जमाने गुजर गए…



न जाहिर हुई तुमसे,
न बयान हुई हमसे।
बस
सुलझी हुई आँखो मेँ,
उलझी रही मोहब्बत॥



तनहा रहेने का भी अपना मज़ा है दोस्तों…….
यकीन होता है की कोई छोड़कर नहीं जायेगा,

और
उम्मीद नहीं होती किसी के लौट आने की…!



“क्यूँ ना गुरुर करता मैं अपने आप पे,
मुझे उसने चाहा… जिसके चाहने वाले हज़ारों थे…..



हम सिर्फ इक तेरे दीदार की खातिर आते है गली में तेरी,

वरना हमारे लिए पूरा शहर पडा है,
आवारगी करने को………



Hum Donon Hi Darte The,
Ek Dusre Se Baat Karne Se,

Main,
Muhabbat Ho Gayi Thi Isliye,
Wo Muhabbat N Ho Jaye Isliye…



Suna Hai Zehar Peene Se Maut Aati Hai,
Hum To Behisab Peekar Bhi Jee Rahe Hai…!



Aaj Bewafaao Ki Mahefil Saji Hei
Waqt Nikaal Ke Tum Bhi Aa Jaana..



कुछ कर गुजरने की चाह में,
कहाँ कहाँ से गुजरे
अकेले ही नज़र आये हम,
जहां जहां से गुजरे…



Dil Mein Khila Hai Aapke Naam Ka Phool
Dil Se Kahi Hona Jaye Koi Bhool


Dil Ka Hai Aapke Liye Alag Sa Usool
Ki Aapki Khushi Ke Aage Hai Sab Kuch Qubool !



उसको रब से इतनी बार माँगा है
की अब हम सिर्फ हाथ उठाते है तो
सवाल फ़रिश्ते खुद ही लिख लेते है ।



एक सवेरा था जब हँस कर उठते थे हम और..

आज कई बार..
बिना मुस्कुराये ही शाम हो जाती है..



कोई नाराज हैँ हमसे हम कुछ लिखते नहीँ,
कहां से लाएं लफ्ज जब वो हमसे मिलते नहीँ …



उसको रब से इतनी बार माँगा है,

की अब हम सिर्फ हाथ उठाते है तो
सवाल फ़रिश्ते खुद ही लिख लेते है ।



“हर बात मानी है तेरी सर झुका कर ए जिंदगी,
हिसाब बराबर कर…. तू भी तो कुछ शर्तें मान मेरी”



ना बादशाह हूँ मै दिलों का,
ना शायर हूँ मै लफ़्ज़ों का ..

बस जुबां साथ देती है,
मै बातें दिल से करता हूँ !




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Best 2 Lines Shayari in Hindi, दो लाइन के शेर | अध्याय 9

August 25, 2022

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तेरी आँखों की तौहीन नहीं तो और क्या हे यह…
मैंने देखा,
तेरे चाहने वाले,
कल शराब पी रहे थे..



नींद और मौत में क्या फर्क है.?
किसी ने क्या खूबसूरत जवाब दिया है.
“नींद तो आधी मौत है”,

और
“मौत मुकम्मल नींद है”



इतनी मतलबी हो गई हैं आँखें मेरी ..
कि तेरे दीदार के बिना दुनिया अच्छी नहीं लगती ..!!



वो जो तुमने एक दवा बतलाई थी ग़म के लिए,
ग़म तो ज्यूं का त्यूं रहा बस हम शराबी हो गये….



Meri Yadon Se Agar Bach Niklo To Waada Mera Hai Tumse,
Main Khud Duniyaa Se Keh Doon Ga Ke Kammi Meri Wafaa Mein Thi..!”



कौन कहता है कि दिल सिर्फ लफ्जों से दुखाया जाता है;
तेरी खामोशी भी कभी कभी आँखें नम कर देती है…



अनकहे शब्दों के बोझ से थक जाता हूँ कभी…..
ना जाने खामोश रहना समझदारी है या मजबूरी..



लोग वाकिफ हे मेरी आदतों से ..

रुतबा कम ही सही पर,
लाजवाब रखते है……



Mere Qatal Ka Irada Ho To Khanjar Se Waar Na Karna,
Mere Marne K Lye Kafi Hay Tera Auron Se Pyar Karna.



मुहब्बत एक एहसासों की पावन सी कहानी है
कभी कबीरा दीवाना था कभी मीरा दीवानी है ..



आँख उठाकर भी न देखूँ,
जिससे मेरा दिल न मिले;​​
जबरन सबसे हाथ मिलाना,
मेरे बस की बात नहीं…



Aaj Us Ny Ajeeb Sawal Kr Diya Mujh Se…
Marty Mujh Pr Ho To Fir Jity Kis K Liye Ho…..



अपनी जुबान से ऐसे मीठे सब्द बोलो
की वापस भी लेने पड़े तो खुद को कड़वे न लगे…!



काश !
बचपन में तुझे मांग लेते,

हर चीज़ मिल जाती थी,
दो आँसू बहाने से…



तेरी बातें लम्बी है…
दलीलें हैं और बहाने हैं…
मेरी बात सिर्फ इतनी है…
मेरी ज़िन्दगी तुम हो…!



“कोई दोस्त कभी पुराना नहीं होता,
कुछ दिन बात न करने से बेगाना नहीं होता,

दोस्ती में दुरी तो आती रहती हैं,
पर दुरी का मतलब भुलाना नहीं होता.”



Mukhtasar Mohabat Ka Mukhtasar Anjaam
Waha Tum Bichade ..

Yaha Hum Bikhre ..



सुलग रहे है कब से मेरे,
दिल में ये अरमान,

रोक ले अपनी बहो में तू,
आज मेरे तूफ़ान |



Kyu Tujhko Manane Ko Tere Paao Padu!
Mujhe Muhobbat Hai Tujhse Koi Matlb To Nhi………



हमारा दुश्मन हमसे बोला
“बहुत महंगी पड़ेगी तुझे दुश्मनी मेरी “…


हमने उसको उत्तर ये दिया कि ”
सस्ती चीज हम कभी खरीदते ही नहीं”



Ye To Mahobbat Hei Yaaro Ke Ab Wo 
Hamaari Taraf Kam Se Kam Dekhte Hei…



Mana K Nhi Aata Muje Kisi Ka Dil Jeetna,
Lekin
Pehle Ye Batao Yahaan Dil H Kiske Pas…!



मेरी यादों से अगर बच निकलो तो वादा है मेरा तुम से ,
मैं खुद दुनिया से कह दूँगा कमी मेरी वफ़ा में थी …



हम जा रहे हैं वहां जहाँ दिल की हो क़दर ,
बेठे रहो तुम अपनी अदायें लिये हुए ……..



तमन्नाओ की महफ़िल…..
तो हर कोई सजाता है.


पूरी उसकी होती है……

जो तकदीर लेकर आता है..



उम्र की राह पर रस्ते बदल जाते है,
वक़्त की आंधी मे इंसान बदल जाते है,

हम सोचते है आपको इतना याद ना करे,
लेकिन आँखे बंद करते ही इरादे बदल जाते है



​मोहब्बत की आजमाइश दे दे कर थक गया हूँ​ ​ऐ खुदा​;
किस्मत मेँ कोई ऐसा लिख दे,
जो मौत तक वफा करे..



Mera Sub Kuch Rakh Lo Ay Wakilon,
Bas Mujhe Uski Yadon Ki Qaid Se Rihai Chahiye…



अभी आए,
अभी बैठे,
अभी दामन संभाला है
तुम्हारी जाऊं जाऊं ने हमारा दम निकाला है।



मैंने जान बचा के रखी है एक जान के लिए ,
इतना इश्क कैसे हो गया एक अनजान के लिए…!



टूट कर ना चाहना किसी को,
ये ‘जान’ ‘जान’ कहने वाले ही ‘जान’ लेते हेँ…



खुद ही रोये और रो कर चुप हो गए…
ये सोचकर कि आज कोई अपना होता तो रोने ना देता…!



बिखरने दो होंठों पे हंसी के फुहारों को दोस्तों,
प्रेम से बात कर लेने से जायदाद कम नहीं होती..



जो कोई समझ ना सके वो बात है हम.
जो ढलके नयी सुबह लाये वो रात है हम.


छोड देते है लोग रीश्ते बनाकर.
जो कभी छोडके ना जाये वो साथ है हम.



भरी बरसात में उड़ के दिखा माहिर परिंदे…
सूखे मौसम में तो तिनके भी सफ़र कर लेते है..



बादशाह नही ईकके है हम,
कयाेंकि हारने की हमे आदत नही…


और,
किसीके सामने जुकना हमारी फितरत मै नही…



Bohat Thay Mere Bhi Apne Is Duniya Me…
Phir Hame Bhi Ishq Huwa Aur Hum Tanha Ho Gaye…



Chahat Ne Ansuo Ke Tohfe Diye…
Baato Ne Yaado Ke Tohfe Diye…


Isliye Andhero Se Lipat Ke Ro Pade Hum…
Qki Ujaalo Ne Bahut Se Dhoke Diye….



मांग कर मैं न पियूं तो यह मेरी खुद्दारी है,
इसका मतलब यह तो नहीं है कि मुझे प्यास नहीं.



Bin Dard Ke Roya Nahi Jata,
Bin Pyar Ke Rishta Banaya Nhi Jata,

Ek Baat Zindagi Me Yaad Rakhna,
Apni Khushi Ke Liye Kisiko Rulaya Nahi Jata..



हम आते हैं महफ़िल में तो फ़कत एक वजह से,
यारों को रहे ख़बर कि अभी हम हैं वजूद में..



Dil Jal Kar Rakh Hua,
Aankho Se Roya Na Gaya……
Jakhm Kuch Aise Lage Phoolon Par Bhee Soya Na Gaya…



तेरा इंतजार करने वाले हजारों होंगे ,
लेकिन मुझे सिर्फ तेरा इंतजार होता है …..



उम्रकैद की तरह होते हैं कुछ रिश्ते….
जहाँ जमानत देकर भी रिहाई मुमकिन नही….



तेरी आँखों के इशारे मुझे एग्जिट पोल के नतीजों से लगते हैं ।
अब फ़ाइनल बता भी दे,
तेरे दिल पर मेरी सरकार,
कब से राज करेगी ।



हर कोई हमको मिला पहने हुए नकाब,

अब किसको कहें अच्छा,
किसको कहें खराब..



इस दुनिया में वफ़ा करने वालों की कमी नहीं है…
बस प्यार ही उससे हो जाता है जो बेवफा हो। …



Aaj Ke Jamane Me Wo Hi Imaandaar He,
Jisko Beyimaani Ka Mauka Nahi Mila…



जिनकी दोस्ती सच्ची है,
वो कब फ़रियाद करते है….?

जुबान खामोश होती है,
मगर दिल से याद करते है….!



कौन कहता है की खूबसूरती… 
उम्र की मोहताज है …..

हमने आज भी पुराने पन्नो पर,
नए अफसाने लिखे देखे है..



Teri Bahon Me Jannat Ka Gumaa’N Hota Hai,
Us Waqt Hosh Kahan Hota Hai…?


Aisa Lagta Hai Khuda Mehrbaan Hai,
Jab Tu Mehrbaan Hota Hai…



Kisi Ki Yaad Me Anshu Bahane Hi Hai To Adab Se Bahao,
Suna Hai Sajde Me Gira Ek Anshu Bhi Bada Kimti Hua Karta Hai…!



जैसा भी हूं अच्छा या बुरा अपने लिये हूं,
मै खुद को नही देखता औरो की नजर से….!



Kitna Pyar Karte Hai Hum Unse,
Kaash Unko Bhi Yeh Ehsaas Ho Jaye,

Magar Aisa Na Ho Ke Woh Hosh Mein Tab Aaye,
Jab Hum Gehri Neend Mein So Jaye…



सुहाना मौसम ओर हवा मे नमी होगी
आशुंओ की बहती नदी होगी


मिलना तो हम तब भी चाहेगे आपसे
जब आपके पास वक्त और हमारे पास सासों कि कमी होगी…



“ख़ूबसूरत था इस क़दर कि महसूस ना हुआ..
कैसे,
कहाँ और कब मेरा बचपन चला गया”..



तकदीर को जब बदलना है,
बदल जायेगी…
फिलहाल लगा हुआ हुँ आदत बदलने में”!



Na Waqif The Hum Chahat K Asulon Se,
Is Liye Barbaad Huye…..

Na Usne Apna Banaya Na Kisi Aur K Qabil Chora..



दोस्ती तो ज़िन्दगी का वो खूबसुरत लम्हा है,
जिसका अंदाज सब रिश्तों से अलबेला है,

जिसे मिल जाये वो खुश…………,
जिसे ना मिले वो लाखों में अकेला है|



Ek Tumko Agar Chura Loon Main Toh….
Ye Zamaana Gareeb Ho Jaayega….



इश्क वो खेल नहीं जो छोटे दिल वाले खेले,
रूह तक कांप जाती है सदमे सहते सहते..



​​​मैंने कहा बहुत प्यार आता है तुम पर;​
वो मुस्कुरा कर बोले और तुम्हे आता ही क्या है।



तड़प के देखो किसी की चाहत में,

तो पता चलेगा,
कि इंतजार क्या होता है,

यूं ही मिल जाए,
कोई बिना चाहे,

तो कैसे पता चलेगा,
कि प्यार क्या होता है.



कोई इल्ज़ाम रह गया हैं तो,
वो भी दे दो,

पहले भी बुरे थे हम,
अब थोड़े और सही..



Kahan Talaash Karoge Tum Mujh Jaise Ek Shakhs Ko,
Jo Tumhare Sitam Bhi Sahe Aur Tum Se Mohabbat Bhi Kare…



ना दौलत पे नाज करते है,
ना शोहरत पे नाज करते है,

भगवान ने हिंदू के घर पैदा किया है,
इसलिए अपनी किस्मत पे नाज करते है..

जय श्री राम…



क्या हुआ..
जो मेरे लब तेरे लब से लग गए
माफ़ ना करो ना सही… 

बदला तो ले लो…



“तहज़ीब में भी उसकी क्या ख़ूब अदा थी,
नमक भी अदा किया तो ज़ख़्मों पर छिड़क कर.!



रौशनी के लिए दिया जलता हैं ,
शमा के लिए परवाना जलता हैं,

कोई दोस्त न हो तो दिल जलता हैं,
और दोस्त आप जैसा हो जो ज़माना जलता हैं.



Mujh Se Mat Puchh Mere Mehbub Ki Sadgi Ka “Andaz”……..

“Ae-Dost” ..
Nazrein Bhi Mujh Pe Thi Aur Nafrat Bhi Mujh Se Thi….!



“हमें बरबाद करना है तोह हमसे प्यार करो ॥
नफरत करोगे तोह खुद बरबाद हो जाओगे!



पिता जी ने इतना पैसा खर्च करके पढना-लिखना सिखाया,
पर ऑफिस की बिल्डिंग में एंट्री अंगूठा टेक कर ही मिलती है..



अपना ग़म लेके कही और न जाया जाए
घर में बिखरी हुई चीज़ों को सजाया जाए



अगर अलग होना इतना आसान होता तो रूह को जिस्म से लेने फ़रिश्ते न आते।
बस इतनी इनायत बख्शना तू “मेरे नाम” को ऐ
खुदा,

कि जिसके भी लबों पे उभरे “मुस्कराहट” के साथ उभरे !



Bus Jeene Hi To Nahi Degi….
Aur Kya Kar Legi Yaad Teri….?



खतरा है इस दौर में,
बुजदिलों से दिलेर को.
धोखे से काट लेते हैं ”कुत्ते” भी ”शेर” को…!



Jazbaat Bahekte Hain Jab Tumse Milta Hu,
Armaan Machalte Hai Jab Tumse Milta Hu


Saath Hum Dono Ka Koi Bardasht Nahi Karta,
Sab Humse Jalte Hai Jab Tumse Milta Hu


Ankho Se Tum Jaane Kya Kya Keh Dety Ho,
Toofan Se Chalte Hain Jab Tum Se Milta Hu


Haatho Se Hath Milte Hain Honthon Se Honth,
Dil Se Dil Milte Hain,
Jab Tumse Milta Hu


Aahon Mein Beh Jaati Hai Tanhai Ki Har Raat,
Kai Shikve Dil Mein Rahte Hain Jab Tumse Milta Hu !



जब कभी टूट कर बिखरो तो बताना हमको;
हम तुम्हें रेत के जर्रों से भी चुन सकते हैं।



सुना है,
खुदा के दरबार से कुछ फ़रिश्ते फरार हो गए,

कुछ तो वापस चले गए,
और कुछ हमारे यार हो गए.



आपकी पलकों पर रह जाये कोई!
आपकी सांसो पर नाम लिख जाये कोई!

चलो वादा रहा भूल जाना हमें!
अगर हमसे अच्छा दोस्त मिल जाये कोई!



Khwaab Lafzo Me Nahi Dhalte
Kaash Aankhe Padha Kare Koi



समझदार बनने की कोशिश में शरारत
भी खो बैठे
अब इस समझदारी में सबको साजिश नजर
आती है…



हसीन आँखों को पढ़ने का अभी तक शौक है मुझको,
मुहब्बत में उजड़ कर भी मेरी ये आदत नहीं बदली…



Mujhe Bharosa Nahin Apne Haathon Ki Lakeeron Par …
Daava Karti Hai Yeh Meri Qismat Badalne Ka,
Khud Meri Mutthi Mein Qaid Hokar !



Itna Udas Shaam Ka Manzar Kabhi Na Tha,
Sooraj Ke Sath Doob Gaya Mera Dil Bhi Aaj…



मोहब्बत की आजमाइश दे दे कर थक गया हूँ​ ​ऐ खुदा​;
किस्मत मेँ कोई ऐसा लिख दे,
जो मौत तक वफा करे..



“निगाहों से क़त्ल कर डालो,
न हो तकलीफ
दोनों को,

तुम्हें खंजर उठाने की हमें गर्दन झुकाने
की”.



क़्या लूटेगा जमाना खुशीयो को हमारी,

हम तो अपनि खुशिया
दूसरो पर लूटा के जिते है!



जीवन में कभी किसी को कसूरवार न बनायें…..

अच्छे लोग खुशियाँ लाते हैं!
बुरे लोग तजुर्बा!



तेरी ख्वाहिश करली तो कौनसा गुनाह किया,
लोग तो इबादत में पूरी क़ायनातमांगतेहैं खुदा से ।.



ज़रा देख दरवाज़े पर दस्तक किसने दी है
अगर हो इश्क तो कहना,
यहाँ दिल नहीं रहता..



कुर्बान हो जाऊँ उस सख्श की हाथों की लकीरों पर
जिसने तुझे माँगा भी नहीं और तुझे पा भी लिया,



“कौन कहता है मुझे ठेस का एहसास नहीं,
जिंदगी एक उदासी है जो तुम पास नहीं,

मांग कर मैं न पियूं तो यह मेरी खुद्दारी है,
इसका मतलब यह तो नहीं है कि मुझे प्यास नहीं.”



वो कहते हैं सोच लेना था मुहब्बत करने से पहले।
अब उनको कौन समझाए सोच कर तो साजिश
की जाती हैं मुहब्बत नहीं।



हार की परवाह करता तो,
मे जीतना छोड देता,

लेकिन ‘जीत’ मेरी जीद हे ,
ओर जीत का मे बादशाह…



हम तो बस निशाने पर दिल रखना जानतें हैं
तेरे तरकश में कैसे कैसे तीर तुम जानो। ………!



Mast Nazron Se Dekh Lenaa Tha
Agar Tamanna Thi Aazmane Ki,

Hum To Behosh Youn Hi Ho Jaate
Kya Zaroorat Thi Muskurane Ki.



मोहब्बत ज़िन्दगी बदल देती है …..

मिल जाये तब भी ….!
ना मिले तब भी ….!



ये तो सच हैं की हमे चाहने वाले बहोत हैं…
पर ये हमारी जिद थी की हमे सिफ्र तु चाहै………



तेरी चाहत तो मुक़द्दर है मिले न मिले,
राहत ज़रूर मिल जाती है तुझे अपना सोच कर.”



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Best 2 Lines Shayari in Hindi, दो लाइन के शेर | अध्याय 8

August 25, 2022

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Na Garz Kisi Se,
Na Wasta,
Mujhe Kaam Hay Apne Kaam Se……
Tere Zikr Se ,
Teri Fikar Se ,
Teri Yaad Se ,
Tere Naam Se…..



Wada Humne Kiya Tha Nibhane K Liye…!!
Ek Dil Diya Tha Ek Dil Paane K Liye…!!

Usne Hume Mohhabbat Sikha Di Or Kaha…!!
Humne Tumse Mohhabbat Ki Thi Kisi Or Ko Jalane K Liye…!!



राजा का बेटा भलेह ही नन्गा पैदा हुवा हो।।
पर होता तो वो राजकुमार ही है।।।।



दिल को आता है जब भी ख़याल उनका,

तस्वीर से पूछते हैं फिर हाल उनका.
वो कभी हमसे पुछा करते थे जुदाई क्या है,

आज समझ आया है सवाल उनका…



लाजिमी है उसका खुद पे गुरूर करना,

हम जिसे चाहे वो मामूली हो भी नही सकती…..



दूर जाके भी सकूं न मिला ….
पास रहते थे तो कहते थे तुम परेशान करते हो।



सौ खामियाँ मुझमे सही मगर,

इक खूबी भी है,

अपनों को आज तक पराया नहीं किया….



यूँ तो मसले और मुद्दे बहुत हैं …….लिखने को मगर ,

कमबख्त़ इन कागज़ों को तेरा ही ,
ज़िक्र अज़ीज़ है …



तरस जाओगे हमारे मुँहसे सुननेको एक लव्ज़
प्यारकी बात क्या,
हम शिकायत भी ना करेंगे…



ऐसी तकदीर न पाई थी कि तुमको पा सकता…
ऐसी याद्दाश्त न मिली थी कि तुमको भुला सकता..



अभी इतनी जल्दी क्या है मुझे छोड़ने की,

मेरी साँसें अभी बाकी हैं,
और कोशिश करलो तोड़ने की…!



मैं न अन्दर से समंदर हूँ न बाहर आसमान,
बस मुझे उतना समझ जितना नज़र आता हूँ मै ……



यूँ तो कई बार भीगे बारिश में,
मगर ख्यालों का आँगन सूखा ही रहा,

जब आँखों की दीवारें गीली हुई
उसकी यादो से,

तब ही जाना हम ने बारीश क्या होती है..



एक उमर बीत चली है तुझे चाहते हुए,
तू आज भी बेखबर है कल की तरह..



“सोचा था घर बनाकर बेठुंगा सुकून से,
पर घर की जरूरतों ने मुसाफिर बना डाला..



मेरी झोली में कुछ अल्फाज़ अपनी दुआ के दाल देना ए दोस्त…
क्या पता तेरे लब हीले और मेरी तकदीर सवर जाए ।



‘सहारा लेना ही पड़ता है मुझको दरिया का
मैं एक कतरा हूँ तनहा तो बह नहीं सकता ”



नया हू अभी धिरे धिरे सिख जाऊंगा..

पर किसीके सामने झुक कर अपनी पेहचान
नहि बनाऊंगा…..



मिल जायेंगा हमें भी कोई टूट के चाहने वाला
अब शहर का शहर तो बेवफा नहीं हो सकता… !



Pyar Har Waqt Saath Rehta Hai … 
Kyun Ki Pyar Waqt Se Nahin,
Usse Kiya Jaata Hai Jiske Saath Waqt Guzaarte Hain…



नामुमकिन ही सही मगर…
मोहब्बत ‘तुझ’ ही से है…!



Mujhe Pankh Na Do E Mere Maula….
Mere Khuda Zameen Par Hi Rehte Hai!



Meri Chahaten Tumse Alag Kab Hain,
Dil Ki Batain Tumse Chupi Kab Hain,

Tum Saath Raho Dil Main Dhadkan Ki Jaga,
Phir Zindagi Ko Sanson Ki Zarurat Kab Hai…..



प्यार में कोई तो दिल तोड़ देता है;
दोस्ती मेँ कोई तो भरोसा तोड़ देता है;


जिंदगी जीना तो कोई गुलाब से सीखे;
जो खुद टूट कर दो दिलों को जोड़ देता है…..



Itni Sidat Se Bhi Pyar Na Karna Kabhi Kisise
Bahut Gehrayi Mai Jane Wale Aksar Doob Jate Hai…



Apne Haatho Ki Hatheli Par..
Uska Naam To Likh Liya..

Par Ye Bhi Na Socha Ki
Taqdeer To Khuda Likhta Hai..



याद वोह नहीं जो अकेले आये।।
याद तो वोह हे जो महेफिल में आये…
और अकेला कर जाये।।।।



कहेनेको तो……..
आंसू अपने होते है,

पर …..
देता कोई और है……



अपनी तन्हाई में खलल यूँ डालूँ सारी रात …
खुद ही दर पे दस्तक दूँ और खुद ही पूछूँ “कौन” ?



कैसे रहेगी ज़िंदा ये तहजीब सोचिए….
स्कूलों से ज्यादा शहर में मयखाने हो गए…



क्लास में आख़िरी बेन्च पर जो कुरेद कर तुम्हारा नाम लिखा था,
ज़िन्दगी की सब से लम्बी कहानी वही तो थी ….



मेरे बारे में,
अपनी सोच को थोड़ा बदलकर देख,

“मुझसे” भी बुरे हैं लोग,
तू घर से निकलकर तो देख ।।



Dard Se Itna Gehra Rishta Hogya Hai,
Na Main Uske Siwa Jee Sakta Hun,
Aur Nahi Woh Mujhe Jeene Detaa Hai.



भूल जाना ‘मुझे’ इतना आसान नहीं है…
बातों बातो में ही बातों से निकल आऊंगा॥



जब भी तूट कर बीखरता हुं मे
दुगुना हो कर नीखरता हु मे…



मेरे यार मुख्तसर सी बात है ,
मुझे तुम से बेइंतिहा प्यार है ….



मुझ से दुरीयां बना कर तो देखो,
फिर पता चलेगा िकतना नज़दीक़ हुँ मै..



Kat Rahi Hei Zindagi Rote Hue
Aur Wo Bhi Aap Ke Hote Hue..



कोई मुझ से पूछ बैठा ‘बदलना’ किस को कहते हैं? 
सोच में पड़ गया हूँ मिसाल किस की दूँ ? 
“मौसम” की या “अपनों” की..


बात वफाओँ की होती तो कभी ना हारते हम..
खेल नसीबोँ का था भला उसे कैसे हराते.!



मोहब्बत के बिना ज़िन्दगी फिजूल हैं,
पर मोहब्बत के भी अपने उसूल हैं,

कहते हैं मिलती हैं मोहब्बत में बहुत उल्फ़ते,
पर आप हो महबूब तो सब कबूल हैं.



हर रिश्ते का नाम जरूरी नहीं होता मेरे दोस्त..

कुछ ”बेनाम” रिश्ते..
रुकी जिंदगी को सांस देते है..



Namumkin Hain Es Dil Ko Samaj Pana,
Kyuki Dil Ka Ek Alag Hi Dimag Hota Hai…



Zindagi Tou Apne Kandho Pe Jee Jati Hai Mere Dost,
Dusro Ke Kandho Per Tou Sirf Jannaze Uthte Hai..



Acha Lagta Hai Tera Naam Mere Naam Ke Sath..

Jaise Koi Subah Judi Ho,
Kisi Haseen Shaam Ke Sath..



आज जब मौत हमे लेने आई तो ये कह कर वापिस चली गयी..
ऐ दोस्त मैं ज़िंदगी उन की लेती हूँ जो ज़िंदा होते हैं..



वो रोई तो जरूर होगी खाली कागज़ देखकर,
ज़िन्दगी कैसी बीत रही है पूछा था उसने ख़त में”!



जिस कश्ती के मुक़द्दर में हो डूब जाना ___!
तूफानों से बच भी निकले…तो किनारे रूठ जाते हैं..



Souchta Hun Unhe To Doob Sa Jata Hun….
Ankhain Hi Nahi Un Ki Yaadein Bhi Samander Hain…



जब मुझे यकीन है के खुदा मेरे साथ है।
तो इस से कोई फर्क नहीं पड़ता के कौन कौन मेरे खिलाफ है।।”



यूँ तो हम अपने आप में गुम थे,
सच तो ये है की वहाँ भी तुम थे..



हम कुछ इस तरह बिगड़े हुए खिलाडी है की..

अगर सामने वाले के पास तीन Aaa
भी हो तो भी Show उस्सी से करवाते है.



नफरत भी हम हेशियत देखकर करते हे,
प्यार तो बहुत दूर की बात हे..



कल न हम होंगे न कोई गिला होगा !
सिर्फ सिमटी हुई यादों का सिलसिला होगा !



कीस कदर मासूम सा लहजा था उसका..
धीरे से जान कहकर बेजान कर दीया..



तेरी यादों के लम्हे उन पुराने गानो की तरह .
जिनको कितना भी दौहराओ हर बार नये ही लगते है..



आदत हमारी “खराब” नही दोस्तो….
बस
जींदगी “नवाबी” जीते है…..



Diwangi Har Raz Khol Deti Hai,
Khamosi Bhi Har Baat Bol Deti Hai,

Shikayat Hai Muze Sirf Is Dunia Se,
Jo Dil Ke Jazbat Bhi Paiso Se Tol Detihai.



“Haseel Karke To Har Koipyar Kar Sakta Hai,
Magar Khokar Bhi Kisi Ko Chahna Hi Asli Pyar Hota Hai.



मेरे बटुए में तुम पाओगे अक्सर नोट खुशियों के,
मैं सब चिल्लर उदासी के अलग ‘गुल्लक’ में रखता हूं.‼



मोहब्बत भी उस मोड़ पे पहुँच चुकी है कि
अब उसको प्यार से भी मैसेज करो,
तो वो पूछती है,
”कितनी पी है?”



हाँ है,
तो मुस्कुरा दे…
ना है,
तो नज़र फेर ले…
यूँ शरमा के आँखें झुकाने से उलझनें बढ़ रही हैं…!



बेचैनी जब भी बढ़ती है धुंए में उड़ा देता हूँ ,
और लोग कहते हैं मैं सिगरेट बहुत पीता हूँ… !



Khuwab Aankhon Se Churana Meri Aadat Nhi..
Kisi Apne Ko Bhulana Meri Aadat Nahi..

Palkain Bhigo Leta Hon Apno Ki Yaad Me..
Mgr Kisi Ko Rulana Meri Aadat Nahi…!



मौत सिर्फ नाम से बदनाम है,
वरना तकलीफ़ तो जिंदगी ही ज्यादा देती है.

और बीवी बी सिर्फ नाम से बदनाम है वरना 
तकलीफ़ में सिर्फ वही साथ देती है….



प्यार के दो मीठे बोल से खरीद लो मुझे ,
दौलत दिखाई तो सारे जहां की कम पड़ेगी…



मौत से तो दुनिया मरती है ,
आशिक तो प्यार से ही मर जाता है …



Naa Nikalna Idd Ke Din Kisse Masjid Ke Paas Se,
Kahin Loge Chand Samajh Ke Apna Roja Naa Tod De,

Aur Ho Ker Khafa Khuda,
Kahin Insaan Bannana Naa Chod De.



“ज़िंदगी से यू चले है इल्ज़ाम लेकर,
बहुत जी चुके उसका नाम लेकर,

अकेले बाते करेंगे वो इन सितारो से,
जब हम चले जाएँगे उन्हे सारा आसमान देकर”



Akele Hai To Kya Hua,
Ye Zindgi Bhi Guzar Jayegi….
Hum Apni Tanhai Mitane Ke Liye Kisi Ko Majbur Nahi Karte….!



ज़िन्दगी हो या शतरंज…
मज़ा तभी है दोस्त…..
जब रानी साथ हो….



रेत की जरूरत रेगिस्तान को होती है,
सितारों की जरूरत आसमान को होती है,

आप हमें भूल न जाना,
क्योंकी
दोस्त की जरूरत हर इंसान को होती है…….



अंत में लीखी है दोनों की बर्बादी,
आशीक़ हो या हो कोई आतंकवादी…



आज सोचा ज़िन्दा हूँ ,
तो घूम लूँ …
मरने के बाद तो भटकना ही है ।।



कितनी शराबें चढ़ाईं है
तब जा कर तुम उतरी हो..



तुम्हें अपना कहने की तमन्ना थी दिल में,
लबों तक आते आते तुम ग़ैर हो गए..



“हमारे आंसूं पोंछ कर वो मुस्कुराते हैं,
उनकी इस अदा से वो दिल को चुराते हैं,

हाथ उनका छू जाये हमारे चेहरे को,
इसी उम्मीद में हम खुद को रुलाते हैं।”



चलो उसका नही तो खुदा का अहसान लेते है,
वो मिन्नत से ना माना तो मन्नत से मांग लेते है….



जो घरों को छोड़ के है चले
उन्हें क्या सतायेगे फासले ।।।

~ जावेद अख्तर



मोहब्बत मुक़द्दर है कोई ख्वाब नहीं,
ये वो अदा है जिसमे सब कामयाब नहीं..

जिन्हें पनाह मिली उन्हें उंगलियों पे गिन लो,
और जो बरबाद हुए उनका हिसाब नहीं..



आँधियों ने लाख बढ़ाया हौसला धूल का,
दो बूँद बारिश ने औकात बता दी !



लहरों से खेलना तो समंदर का शौख है।
लगती है चोट कैसे,
ये किनारो से पूछिए।



Kitne Sitam Karoge Is Toote Huve Dil Par,

Thak Kar Batana Jaroor,
Mera Jurm Kya Tha..



में बहता पानी हु मेरा रास्ता
बदल सकते हो मेरी मंजिल नहीं



कभी पिघलेंगे पत्थर भी मोहब्बत की तपिश पाकर
बस यही सोच कर हम पत्थर से दिल लगा बैठे..



दर्द इतना था ज़िंदगी में कि धड़कन साथ देने से घबरा गयी!
आंखें बंद थी किसी कि याद में ओर मौत धोखा खा गयी!



हर एक चेहरे को ज़ख़्मों का आईना न कहो !
ये ज़िन्दगी तो है रहमत इसे सज़ा न कहो….!



ए दिल ,
चल एक सौदा करते हैं ,

मैं उसके लिए तड़पना छोड़ देता हूँ ,
तू मेरे लिए धड़कना छोड़ दे …!



Kehnay Ko To Bohat Si Baatain Hain Is Dil Main….,

Mukhtasir Lafzon Main Meri
Aakhri Khawahish Ho Tum….



जीत कर दिखा दूँगा तुझे दुनिया से…
हर बार मैं ही हारू,
ज़रूरी है क्या…



इश्क की बहुत सारी उधारियां है तुम पर..
चुकाने की बात करो तो कुछ किश्तें तय कर लें…??



चुपके से नाम तेरे गुजार देंगे जिंदगी
लोगों को फिर बताएंगे,
प्यार ऐसे भी होता है॥



मैं लौट आया था जिस दीवार पे दस्तक दे कर।
सुना है अब वहां दरवाज़ा निकल आया है।



Khamoshiyon Me Ek Ada Itna Pyara Laga,
Aapka Pyar Hume Sabse Nyra Laga,

Yeh Na Tute Kabhi Yehi Dua Thi Meri,
Kyuki Yehi Ek Cheez Duniya Me Hume Hamara Laga…



यूँ ही मौसम की अदा देखकर याद आया है,
किस क़दर जल्द बदल जाते हैं इंसान,
जाना|



पर्दा तो होश वालों से किया जाता है ,
बेनकाब चले आओ हम तो नशे में है..



”इंतहा तो देखो बेवफाई कि ……..
एग्जाम मे निबंध आया बेवफाई पर…………
बस एक नाम ‘तेरा’ लिखा और हम टाँप कर गये …….”



माना की तेरी हर चाल तेज हैं पर,
पगली
आजकल हमारा Craze हैं !



Aaj Unki Dosti Main Kuch Kami Dekhi,
Chand Ki Chandni Main Kuch Nami Dekhi,

Udaas Ho K Lout Aaye Hum Apny Ghar,
Unki Mehfil Jab Auron Se Jami Dekhi.



“मेरे इश्क में दर्द नहीं था पर दिल मेरा बे दर्द नहीं था,
होती थी मेरी आँखों से नीर की बरसात,
पर उनके लिए आंसू और पानी में फर्क नहीं था ”



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