Best 2 Lines Shayari in Hindi, दो लाइन के शेर | अध्याय 5


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हुस्न का क्या काम सच्ची मोहब्बत में,

जब आँख ”मजनू” हो,
तो ”लैला” हसीन ही लगती है …!


“मैं कभी नहीं देखता की क्या किया जा चुका है;
मैं हमेशा देखता हूँ कि क्या किया जाना बाकी है”


“भाई” का हक़ तो सिर्फ तुजे दिया हे,
बाकि दुनियावाले “बाप” के नाम से जानते हे |


वो किताबों में दर्ज था ही नहीं..
सिखाया जो सबक ज़िंदगी ने..


दिल से बाहर निकलने का रास्ता तक ना ढूंढ सकी वो,
दावा करती थी जो मेरी रग रग से वाकिफ होने का….


आप तो डर गये मेरी एक ही कसम से,
आपकी कसम देकर हमें तो हज़ारों ने लूटा.


“दुनिया में बहुत से लोग आईना देख कर डर जाते,

……….अगर……….
आईने में चेहरा नहीं चरित्र दिखाई देता…..!


तूजे भुलने के लिये मैने सिगरेट
जलायी तो थि पर कम्बख्त घूऐ ने
तेरी तसवीर बना दी.


अब मैं रोज़ इक ताज़ा शेऱ कहां तक लिखूं तेरे लिए,
तुझमें तो रोज़ ही एक नयी बात हुआ करती है…….


Hothon Pe Aaj Unka Naam Aa Gaya
Pyase Ke Hath Mein Aaj Jaam Aa Gaya,

Dole Kadam To Gire Unki Bahon Main Ja Ke
Aaj To Peena Bhi Hamare Kaam Aa Gaya…


“आप आँखों से दूर दिल के करीब थे,
हम आपके और आप हमारे नसीब थे,

न हम मिल सके,
न जुदा हुवे……,

रिश्ते हम दोनों के कितने अजीब थे.”


A Khuda Aaj Mene Dil Us K Kadmo Mein Rakh Diya…
Par Use Jmin Pe Dekhne Ki Aadat Nhi Thi..!


अंजाम कि परवा होती तो हम इश्क करना छोड
देते…..

इश्क ज़िद करता है और ज़िद के हम पक्के
है….!


तुमने क्या सोचा कि तुम्हारे सिवा कोई नही मुझे चाहने वाला,

पागल छोङ कर तो देख,
मौत तैयार खङी है मुझे अपने सीने लगाने के लिए…


धीरे धीरे
प्यार का दर्द कम हुआ !
तेरे जाने का भी न गम हुआ !

जब पुछते है लौग मेरी प्यार की दासता !
हम कह देते है एक अफसाना था जो खत्म हुआ !


वो लोग भी चलते है आजकल तेवर बदलकर ..
जिन्हे हमने ही सिखाया था चलना संभल कर…..!


मैं कुछ लम्हा और तेरे साथ चाहता था;
आँखों में जो जम गयी वो बरसात चाहता था;
सुना हैं मुझे बहुत चाहती है वो मगर;
मैं उसकी जुबां से एक बार इज़हार चाहता था।


लगभग सभी व्यक्ति कठिनाई को झेल सकते हैं. 
पर अगर आपको उनका चरित्र जानना हो. 
तो उन्हें शक्ति दे दीजिये.


तेरे गरजने से एक ख़ौफ़ सा पैदा होता हे िदल मे…एै बादल,
तु…बे-आवाज़ बरस िलया कर मेरे आँसुओं की तरहा..


Sab Khasaaro’N Ko Jama Kar Kay Ye Haasil Niklaa,
Dil-E-Nadan Ki Koi Baat Na Maani Jaaye……!


तुज़से दोस्ती करने का हिसाब ना आया,
मेरे किसी भी सवाल का जवाब ना आया,

हम तो जागते रहे तेरे ही ख़यालो मे,
और तुझे सो कर भी हमारा ख्वाब ना आया..!!


कीसी से भी अपनी जीदगी मे बने रहने के लिए
भीख न मागो जीसे रहना होगा वो कीसी भी
कीमत पर आपकी जीदगीमे बने रेगा…


Suna Tha Khuda Sabki Suntan Hai
Isliye Dua Karne Ki Bhool Kar Baithe,

Pyar Ka Anjaam Kahan Malum Tha
Isiliye Dil Lagane Ki Bhool Kar Baithe.


Bohat Socha Bohat Samjha Bohat Hi Dair Tak Parkha
K Tanha Ho K Jee Laina Muhabbat Se To Behtar Hai.


हम तो बेजान चीजो से भी वफा करते है..
तुझमे तो फिर भी मेरी जान बसी है !


तेरी दोस्ती को,
मेरे तजुर्बे की जरुरत हैं
कहीं दुश्मनों से…मोहब्बत ना कर बैठो….


ज़िस्म से मेरे तडपता दिल कोई तो खींच लो​;​
मैं बगैर इसके भी जी लूँगा मुझे अब ​ये यकीन ​है…


तूने तो रुला के रख दिया ए-जिन्दगी,

जा कर पूछ मेरी माँ से,
कितना लाड़ला था मैं….


तकदीर के हाथों खुद को में जोड़ना नहीं चाहता,
मेरे दो हाथो का होसला में तोडना नहीं चाहता,

मौसम की तरह बदल जाती ये हाथो की लकीरें,
बंद मुट्ठी मेरी हरगिज़ मैं खोलना नहीं चाहता।


अच्छा एक सिगरेटे पी के आता हूँ..
एक याद फसी है उसे धुए में उड़ा के आता हूँ…


तुझे मुफ़्त में जो मिल गये हम,
तू क़दर ना करें ये तेरा हक़ बनता है…


उसे बेवफ़ा जो बोलूं तो तोहीन है वफ़ा की…
वो वफ़ा निभा तो रही है !
कभी इधर कभी उधर…!


हर कर्ज दोस्ती का अदा कौन करेगा,
हम ना रहे तो दोस्ती कौन करेगा !


गम-ए-जुदाई में तड़पते उनकी आँखों से पूछा..
कुछ कहना है?उसने झपक झपक के कहा नहीं अब तो बस बहना है !


हर तन्हा रात में इंतज़ार है उस शख़्स का..
जो कभी कहा करता था तुमसे बात न करूँ तो रात भर नींद नहीं अाती…


किसने माँगी थी इन आँखों से रिहाई
जाने किस ज़ुर्म की सज़ा है ये जुदाई …


शिद्दत-इ-दर्द से शर्मिंदा नहीं मेरी वफ़ा
दोस्त गहरे है तो फिर जख्म भी गहरे होंगे.

Shiddat-E-Dard Se Sharminda Nahi Meri Wafa
Dost Gehre Hai To Phir Zakhm Bhi Gahere Honge.


उन्होने एक दिन हमसे अजब सा सवाल कर डाला,
कि मरते तो मुझ पर हो तो फिर जिते किसके लिये हो..


वक़्त बड़ा अजीब होता हे इसके साथ चलो तो किस्मत बदल देता हे
ना चलो तो किस्मत को ही बदल देता हे…


कितना नादान है ये दिल,
कैसे समझाऊँ की जिसे तू खोना नही चाहता,
वो तेरा होना नही चाहता……


इतने कहाँ मशरूफ़ हो गए हो तुम;
आजकल दिल तोड़ने भी नहीं आते!


मेरा हर लम्हा चुराया आपने,
आँखों को एक ख्वाब देखाया आपने,

हमें ज़िन्दगी दी किसी और ने,
पर प्यार में जीना सिखाया आपने.


लोग तो बे-वजह ही खरीदते हैं आईने ,
आंख बंद करके भी अपनी हकीकत जानी जा सकती है ।


इस दुनिया में वफ़ा करने वालों की कमी नहीं है बस प्यार ही उस से हो जाता है जिसे क़दर न हो…

Is Duniya Me Wafa Karne Walon Ki Kami Nahi Hai
Bus Pyar Hi Us Se Ho Jata Hai Jise Qadar Na Ho…


मोहब्बत को पाने की तमन्ना हो 
तो लोगों से मत घबराओ 
जो हाथ काँटों से डरते हैं 
उनको फूलों की खुशबु कभी नहीं मिलती…

Mohabbat Ko Paane Ki Tamanna Ho To 
Logon Se Mat Ghabrao
Jo Hath Kanto Se Darte Hain 
Unko Phoolon Ki Khushbu Kabhi Nahi Milti…


नरम नरम फूलों का रस निचोड़ लेती है..
पत्थर के दिल होते है तितलियों के सीने में..


न जाने क्यों डरते है लोग मौत से,
एक यही तो देती है आज़ादी ज़िन्दगी की ज़ंजीरों से…!

Na Jaane Kyun Darte Hai Log Maut Se,
Ek Yahi To Deti Hai Aazaadi Zindagi Ki Zanjeeron Se…!


दर्द की जुबां होती तो बता देते,
वो जख्म कैसे बताएं जो दिखते नहीँ …!


“अपनी ‘उम्र’ और ‘पैसों’ पर कभी ‘घमंड’ मत करना…
क्योंकि जो चीज़ें ‘गिनी’ जा सकें वो यक़ीनन ‘ख़त्म’ हो जाती हैं…”


परवाह नहीं अगर ये जमाना खफा रहे।
बस इतनी सी दुआ है की आप मेहरबां रहे।


Palkon Ki Hadd Ko Tod Kar Daaman Pe Aa Giraa,
Ek Ashq Mere Sabar Ki Toheen Kar Gayaa.


तेरी दोस्ती की आदत सी पड़ गयी है मुझे,

कुछ देर तेरे साथ चलना बाकी है।
शमसान मैं जलता छोड़ कर मत जाना,

वरना रूह कहेगी कि रुक जा,
अभी तेरे यार का दिल जलना बाकी है।


अपने हर लफ्ज में कहर रखते है हम,
रहे खामोश तो भी असर रखते है हम..!


Na Haath Thaam Sakey Na Pakar Sakey Daman.
Bohat Hi Qareeb Se Guzar Kar Bichar Gaya Koi..


Ek Din Jab Meri Sans Band Ho Jayegi
Mat Sochna Ki Chahat Kam Ho Jayegi


Fark Sirf Itna Hoga
Aaj Hum Aapko Yaad Karte Hain
Kal Meri Yaad Aapko Rulayegi..


तुम तो मेरे करीब से निकले थे फिर भी कहते हो देखा ही नहीं……
कभी मुझे देखने की चाहत में
इंतजार दिन-रात किया करते थे…


इतना कुछ हो रहा है इस दुनिया में….
क्या तुम मेरे नही हो सकते???


तू वाकिफ़ नहीं मेरी दीवानगी से…
जिद्द पर आऊँ तो..
ख़ुदा भी ढूंढ लूँ …


मेरी तलाश में क्यों भटक रहे हो…
जरा सा दिल में झांक कर देख लो…


ग़म की दुकान खोल के बैठा हुआ था मैं;
आँसू निकल पड़े हैं ख़रीददार देख कर.!


किसका वास्ता देकर मैं रोकता उसे,

खुदा तक तो मेरा,
बन चूका था वो….


हर रात को तुम इतना
याद आते हो के हम भूल गए हैं,

के ये रातें ख्वाबों के लिए होती हैं,
या तुम्हारी यादों के लिए|


बात तो किरदार की होती है,
वरना क़ैद में तो साया भी इंसान से बड़ा होता है !!!

Bat To Kirdar Ki Hoti Hai…… 

Warna Qad Mein To Saya Bhi Insan Se Bada Hota Hai !!!


लोगो की चुगली करके उन्हें हम संभल रहे थे….. 
आज वो ही उनकी जाल में फसाया जा रहा है…

Logo Ki Chugli Karke Unhe Hum Sambhal Rahe The…..

Aaj Wo Hi Unki Jal Me Fasaya Ja Rha He…


शुबह होती नही शामढलती नही
नज़ाने क्या खूबी है आप मे के
आप को यादकिए बिना खुशी मिलती नही


अंजाम कि परवा होती तो हम इश्क करना छोड देते…..
इश्क ज़िद करता है और ज़िद के हम पक्के है….!


जानता हूँ दुनिया की हर एक रीत लेकिन,
अनजान बने रहना ही यहाँ बेहतर विकल्प है


वजह नफरतों की तलाशी जाती हैं,
मोहब्बतें तो बिन वजह ही हो जाया करती हैं…!


Zakham Chupane K Liye Bahana Chahiye,
Dard Sunane K Liye Koi Apna Chahiye,

Har Shaks Karib Aakar Chala Jata
Hai,
Ek Wo Hi Nhi Aaye Jinko Aana Chahiye…


इन हसरतों को इतना भी कैद में ना रख ए-जिंदगी,
..
ये दिल भी थक चुका है,
इनकी जमानत कराते कराते…..


Tujhse Banti Bhi Nhi,
Tere Bina Chalti Bhi Nhi..


सोचता हूँ कि अब तेरे दिल में उतर कर देखूं;
कौन है वहां,
जो मुझको तेरे दिल में बसने नहीं देता!


बदल जाती हो तुम …..
कुछ पल साथ बिताने के
बाद……
यह तुम मोहब्बत करती हो या नशा….


“चंद फासला जरूर रखि‍ए हर रि‍श्‍ते के दरमियान
क्योंकि बदलने वाले अक्‍सर बेहद अजीज ही हुआ करते हैं…..


Ya Toh Inhe Mujhe Maarna Hoga … 
Ya Phir Haarkar Tujhe Mere Paas Bhejna Hoga


बर्बाद वो अपने इश्क में मुझे कर के बोले ____
“तुम वो नहीं जिसकी मुझे तलाश थी”


ये इत्तेफ़ाक़ नहीं कि आज हम तनहा है ……….
नाकाम होने के लिए भी बड़ी मशक्कत कि है हमने ……


किसे सुनाँए अपने गम के चन्द पन्नो के किस्से,
यहाँ तो हर शक्स भरी किताब लिए बैठा हे…


आज हम भी एक नेक काम कर आए,
दिल की वसीयत किसी के नाम कर आए,

प्यार हैं उनसे ये जानते हैं वो……,
मज़बूरी थी जो झुकी नज़रों से इनकार कर आए.


कितने नाजुक मिजाज है
वो कुछ न पुछीये
निंद नही आती है
उन्हे धड़कन के शौर से


“हँस कर कुबूल क्या कर ली हर सजा हमने,
दस्तूर बना लिया दुनिया ने भी इल्जाम लगाने का”


मेरी जरुरत ओर ख्वाहिस दोनो तूम हो..
अगर रब की कभी महेर बानी हुई ..
तो कोई ऐक तो पुरी होगी…


इतनी वफादारी ना कर किसी से,
यूँ मदहोश हो कर,

दुनिया वाले एक ख़ता (Galti)के बदले,
सारी वफाँए भुला देते हैं ….


Kaas Kabhi Yu Bhi Ho Ke Baazi Palat Jaaye,
Use Yaad Sataaye Meri Aur Me Sukun Se So Jaau…


प्यार तो जिंदगी का एक अफसाना है,
इसका अपना ही एक तराना है,

सबको मालूम है कि मिलेंगे सिर्फ आंसू,
पर न जाने क्यों,
दुनियां में हर कोई इसका दीवाना है.


दिलों कि बात करता हैं ज़माना.
पर आज भी मोहोब्बत चेहरों से ही शुरू होती हैं !


दिल में मोहब्बत,
काले धन की तरह
छुपा रक्खी है…


खुलासा नहीं करते,
कि कहीं हंगामा न मच जाये…


ये माना के तेरी नज़र के काबिल नहीं हूँ मैं,

कभी उन से भी पूछ,
जिन्हें हासिल नहीं हूँ मैं!


नींद भी मोहब्बत बन गयी है,
बेवफा रात भर नहीं आती ..


छोडो यह बहस और तकरार की बातें।
यह बताओं रात ख्वाबों में क्यों आये थे।।


“एहसान” बड़ा कीमती अल्फ़ाज़ हैं।
जैसे ही इसका इस्तेमाल होता हैं दोस्ती में,

दोस्ती दोस्ती नहीं रहती।


तौहीन न करना कभी कह कर “कड़वा” शराब को…
किसी ग़मजदा से पूछियेगा इसमें कितनी मिठास है…


इक ठहरा हुआ खयाल तेरा,
कितने लम्हों को रफ़्तार देता है..


मैं दो पैग लगाता हूँ तो सेट हो जाता हूँ..
और वो बोलती है कि तुम आज कुछ अपसेट लग रहे हो |


Jurm-E-Ulfat Mein Hamein Log Saza Dete Hain;
Kaise Naadaan Hain,
Sholon Ko Hawa Dete Hain..


मैं झुक गया तो वो सज़दा समझ बैठे,
मैं तो इन्सानियत निभा रहा था,
वो खुद को ख़ुदा समझ बैठे।


तेरी मोहब्बत से लेकर तेरे अलविदा कहने तक..
मेंने सिर्फ तुजे चाहा है,
तुजसे कुछ नहीं चाहा..


खुद को खोने का पता नहीं चला,
किसी को पानेकी यूँ इन्तहा कर दी मैंने।


हमारे इश्क की तो बस इतनी सी कहानी हैं …,
तुम बिछड गए,

हम बिख़र गए !
तुम मिले नहीं,
हम किसी ओर के हुए नहीं !


मुझे अपनी मौत का तो कोई गम नहीं है लेकिन,
तेरे आशियां पे मरते तोकुछ और बात होती….


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