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Best 2 Lines Shayari in Hindi, दो लाइन के शेर | अध्याय 15

February 12, 2023

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नर्म लफ़्ज़ों से भी लग जाती है चोटें अक्सर,
रिश्ते निभाना बड़ा नाज़ुक सा हुनर होता है…!!


Nazro Ka Khel Toh Bacche Khelte Hai…
Hum To Sidha Dil Pe Waar Karte Hai…



वो हैं की जाने को खड़े हैं,
दिल है की बैठा जा रहा है…!



बचपन में पिताजी के बटुए में हमेशा मेरी जरूरतों से ज्यादा पैसे रहते थे…
ये कारनामा मैं कभी अपने बटुए से नहीं दिखा पाया ।।



ये बात और है कि इज़हार ना कर सकेँ..
नहीँ है तुम से मोहब्बत..
भला ये कौन कहता है.



कितना नादान है ये दिल,
कैसे समझाऊ की जिसे तू खोना नही चाहता हैं वो तेरा होना नही चाहता….



“बिखरने दो होंठों पे हंसी के फुहारों को दोस्तों,
प्रेम से बात कर लेने से जायदाद कम नहीं होती….!



इतने चहरे थे उसके चहरे पर
आईना तंग आ के टूट गया.



क़सूर उनका नहीं,
जो मुझसे दूरियाँ बना लेते है….


रिवाज है ज़माने में,
पढ़ी किताबें ना पढ़ने का.



शौक से तोड़ो दिल मेरा मै क्यू परवाह करू,
तुम ही रहते हो इसमे अपना ही घर उजाड़ोगे…



Ae Zindagi Mujse Yu Daga Na Kar,
Main Zinda Rahu Ye Dua Na Kar,


Koi Dekhta Hai Use To Hoti Hai Jalan Mujhe,
Ae Hawa Tu Bhi Use Zyada Chhua Na Ker….



कभी मंदिर पे बैठते हैं कभी मस्जिद पे …!
ये मुमकिन है इसलिए क्योंकि परिंदों में नेता नहीं होते ….



Tujh Peh Kuch Aehtibar Tha Warna
Dil Bhala Kon Udhar Deta Hai..



आप खुद ही अपनी अदाओं में ज़रा ग़ौर कीजिये
हम अर्ज़ करेंगे तो शिकायत होगी



करीब आने की कोशिश तो मैं करूँ लेकिन;
हमारे बिच कोई फ़ासला दिखाई तो दे !



आया तो बार बार संदेशा अमीर का ..
मगर हो न सका सौदा जमीर का !



Jo Safar Ki Shurwat Karte Hain,
Wo Hi Manzil Ko Paar Karte Hain.


Bas Ek Baar Chalne Ka Housla Rakhiye,
Achchhe Insano Ka To Raste Bhi Intazar Karte Hai…



Dard-E-Dil Me Uska Ehsas Nhi Hota,
Rota Hai Dil Jab Wo Pas Nahi Hota,


Barbad Ho Gaye Hum Unki Mohabbat Me,
Aur Wo Kehte Hai Is Tarah Pyar Nahi Hota…



दिल भी कमाल करता है,
जब खाली खाली होता है ,
भर आता है!



हम इतने खूबसुरत तो नही है मगर हाँ…!
जिसे आँख भर के देख ले उसे उलझन मेँ डाल देते हॆ



सब समझते हैं बात मतलब की
कोई नहीं समझता मतलब बात का…



Chalo So Jate Hain Ab Fir Kisi Sach Ki Talash Mein.
Kal Fir,
Subah Uth Kar Phir Is Jhuthi Duniya Ka Deedar Karna Hai.



एक अज़ब सी जंग छिड़ी है,
इस तन्हाई के आलम मेँ।


आँखे कहती है की सोने दे,
और दिल कहता है की रोने दे॥



अजब पहेलियां हैं हाथों की लकीरों में…
सफर ही सफर लिखा है हमसफर कोई नहीं…



Apni Aankho Ko Noch Daala Hai
Khwab Aaya Tha Phir Mohabbat Ka…



सुना है…
मोहब्बत की तलाश मैं निकले हो ‘तुम…’
अरे ओ पागल…?
मोहब्बत खुद तलाश करती है जिसे बर्बाद
करना हो?



Aap Hum Se Baat Apni Mrzi Se Karteho,
Aur Hum Bhi Kitne Pagal Hai Aapkimarzi Ka Intzaar Karte Hai….



इश्क करो तो होम्योपैथिक वाला करो ,
फायदा ना हो तो नुक्सान भी ना हो…



शायद इश्क उतर रहा है सिर से…..
मुझे अलफ़ाज नहीं मिलते शायरी के लिए….!



उसकी निगाहों में इतना असर था खरीद ली उसने एक नज़र में ज़िन्दगी मेरी.



“एक हसरत थी की कभी वो भी हमे मनाये.!
पर ये कम्ब्खत दिल कभी उनसे रूठा ही नही .”



घुटन क्या चीज़ है,
ये पूछिये उस बच्चे से
“जो काम करता हैं ,
इक खिलोने की दुकान पर “”



इस दिल की तसल्ली के लिए बस इतना ही काफी है,
जो हवा तुमको छुती है मैं उससे ही साँस लेता हूँ।।



बेर कैसे होते है “शबरी” से पूछो,
राम जी से पूछोगे तो मीठा ही बोलेंगे !



इंसानी जिस्म में सैंकड़ों हैवान देखे हैं,
मैंने दिल में रंजिश रख महफ़िल में आये मेहमान देखे हैं|



हमे सिंगल रेहने का शौक नही,
हमारा तेवर झेल सके वो आज तक मिली नही..



Kya Sunaoon Apni Sabar Ki Kahani Tumko…

Samandar Ka Rakhwala Tha,
Aur Saari Umar Pyasa Raha………….



Mai Kaise Yakeen Kar Lu,
Mujhse Mohabbat Nahi Thi Unko.


Suna Hai Aaj Bhi Wo Rote Hai,
Meri Tasweer Seene Se Laga Kar..



हकीक़त कहो तो उनको ख्वाब लगता है ..
शिकायत करो तो उनको मजाक लगता है…


कितने सिद्दत से उन्हें याद करते है हम ………….
और एक वो है ….

जिन्हें ये सब इत्तेफाक लगता है………………



मेरी दोनों कोशिशें कभी कामयाब ना हो सकी . .
पहला तुझे पाने की फिर तुझे भूल जाने की…



सारे गमों को पैरों से ठुकरा देते हैं,
हम उदास हों तो बस मुस्कुरा देते हैं.



तैरना तो आता था हमे मोहब्बत के समंदर मे लेकिन…
जब उसने हाथ ही नही पकड़ा तो डूब
जाना अच्छा लगा…



कुछ अरमान उन बारीश कि बुंद कि तरह होते है,
जिनको छुने कि ख्वाहिश में,


हथेलिया तो गिली हो जाती ,
पर हाथ हमेशा खाली रेह जाते है….



क्यूँ न हो मेरी नज़रों को शिकायत रात से.
सपना पूरा होता नहीं और सवेरा हो जाता है….



लगता है,
मेरा खुदा मेहरबान है मुझ पर,
मेरी दुनीयाँ में आपकी मौजूदगी,
यूँ ही तो नहीं.!



वक्त मिले कभी तो कदमों तले भी देख लेना,
बेकसूर अक्सर वहीं पाये जाते हैं..



शक है उनको रात में कहीं चूम ना ले हम….
गालों पे हाथ रख के सोयी होंठों को वैसे ही छोड़दिया ….



Kalyug He Mere Dost
Etna Viswas Mat Rakh
Log Jeb Me Namak Liye Ghumte Hai
Apne Ghav Khule Mat Rakh..



Ek Janaza Aur Ek Barat Takra Gaye
Unko Dekhne Wale Bhi Chakra Gaye


Uppar Se Awaz Ayi
Ye Kesi Vidai Hai
Mehboob Ki Doli Dekhne Yaar Ki Mayyat Ayi Ha…!



कुछ सपनों को पूरा करने निकले थे घर से,
किसको पता था कि घर जाना ही एक सपना बन जायेगा।



Ajab Muqaam Pe Thehra Huwa Hai Kafila Dil Ka…
Sukoon Dhundne Nikle The,
Neende Bhi Gawa Bethe…



“तुम आए ज़िंदगी मे कहानी बन कर,
तुम आए ज़िंदगी मे रात की चाँदनी बन कर,


बसा लेते है जिन्हे हम आँखो मे,
वो अक्सर निकल जाते है आँखो से पानी बन कर”



“दिल टूट गया है फिर भी कसक सीने में बाकी है
नशे मैं मदहोश हैं तो क्या पैमाने मैं जाम अब भी बाकी है.”



Jab Chote The Hum To Jor Se Rote The
Jo Pasand Hota Tha Us Paane Ke Liye,


Aaj Bade Hai To Chupke Se Rote Hain
Jo Pasand Hain Use Bhulane Ke Liye…



उदास दिल है मगर मिलता हूँ हर एक से हंस कर…
यही एक फन सीखा है बहुत कुछ खो देने के बाद…



मुझसे मां से दो पल की जुदाई सही नहीं जाती हॆ…
पता नहीं बेटीयां ये हुनर कहां से लाती हॆं…!



जाते हुए उसने सिर्फ इतना कहा था मुझसे

ओ पागल …
अपनी ज़िंदगी जी लेना,
वैसे प्यार अच्छा करते हो..



चुप रहना ही बेहतर है,
जमाने के हिसाब से !


धोखा खा जाते है,
अक्सर ज्यादा बोलने वाले !



एक लफ्ज़ है मोहब्बत
इसे कर के तो देखो !


तुम तड़प ना जाओ तो कहना !
एक लफ्ज़ है मुक़द्दर
इससे लड़ कर तो देखो !


तुम हार न जाओ तो कहना !
एक लफ्ज़ है वफ़ा
ज़माने में नहीं मिलती !


कहीं ढून्ढ पाओ तो कहना !
एक लफ्ज़ है आंसू
दिल में छुपा कर तो देखो !


तुम्हारी आँखों से न निकले तो कहना !
एक लफ्ज़ है जुदाई
इसे सह कर तो देखो !


तुम टूट के बिखर ना जाओ तो कहना !
एक लफ्ज़ है खुदा
उसे पुकार कर तो देखो !


सब कुछ पा ना लो तो कहना !



आप भुलाकर देखो,
हम फिर भी याद आएंगे,


आपके चाहने वालों में,
आपको हम ही नज़र आएंगे,


आप पानी पी-पी के थक जाओगे,
पर हम हिचकी बनकर याद आएंगे.



हवस ने पक्के मकान,
बना लिये हैं जिस्मों में..।


और सच्ची मुहब्बत किराये की झोपड़ी में,
बीमार पड़ी है आज भी..।।



कोई वादा ना कर,
कोई ईरादा ना कर!
ख्वाईशो मे खुद को आधा ना कर!


ये देगी उतना ही,
जितना लिख दिया खुदा ने!
इस तकदीर से उम्मीद ज़्यादा ना कर!



सूरज ढला तो,
कद से ऊँचे हो गए साये,
कभी पैरों से रौंदी थी,
यही परछाइयां हमने…



आज रब से मुलाकात की;
थोड़ी सी आपके बारे में बात की;


मैंने कहा क्या दोस्त है;
क्या किस्मत पाई है;
रब ने कहा संभाल के रखना;


मेरी पसंद है,
जो तेरे हिस्से में आई है…..



Hasai To Hasi Lav,
Radai To Radi Lav,
Sangraam Chhe Jindagi,
Ladai To Ladi Lav.



दर्द की बारिशों में हम अकेले ही थे,
जब बरसी ख़ुशियाँ …
न जाने भीड़ कहां से आई..



महोबत में मैंने किया कुंछ नहीं… 
बस लुटा दिया..

उसके पसंद थी रोशनी..
मैंने ख़ुद को जला दिया..



अब सज़ा दे ही चुके हो तो मेरा हाल ना पूछना,
गर मैं बेगुनाह निकला तो तुम्हे अफ़सोस बहुत होगा…



चिराग़ रोशनी नही देते…
हम उम्मीद बुझने नही देते…



आईना भला कब किसी को सच बता पाया है,
जब भी देखो दांया,
तो बायां नज़र आया है..



हर फूल को रात की रानी नही कहते,
हर किसी से दिल की कहानी नही कहते.
मेरी आँखों की नमी से समझ लेना,
हर बात को हम जुबानी नही कहते.



उसने पूछा सबसे ज्यादा क्या पसंद है तुम्हे
मैं बहुत देर तक देखता रहा उसे


बस ये सोचकर कि
खुद जवाब होकर उसने सवाल क्यूँ किया…!



सागर के किनारो पे खजाने नहीं आते।
पल जो फीसल गये हाथ से वो दुबारा नहीं आते।



जाने किस चमन की शाख़ सूनी हो गई होगी,
ये सोच कर हम फूल तोहफ़े में नही लेते !



झूठ कहते हैं लोग कि मोहब्बत सब कुछ छीन लेती है,
मैंने तो मोहब्बत करके,
ग़म का खजाना पा लिया ।



” काश तू मेरी आखो का आंसू बन जाए,
में रोना छोड़ दू तुझे खोने के डर से।”



उनका कहना था कि मेरी शायरी में अब वो दम नहीं,
उन्हें क्या पता हम शायरी में दम नहीं दिल लगाते हैं !



ए मेरे दिल ,
कभी तीसरे की उम्मीद भी ना किया कर ,
सिर्फ तुम और मैं ही हैं इस दश्त-ए-तन्हाई में …….



तेरा याद आ जाना”
हो सकती है. ” बात ज़रा सी ”
मगर,
यह बात बहुत देर तक याद आती है…



मुश्किल से मिलता है शहर में आदमी,
यूं तो कहने को इन्सान बहुत हैं…….



जिन्दगी जख्मो से भरी है,
वक़्त को मरहम बनाना सिख लें.


हारना तो है मोतके सामने,
फ़िलहाल जिन्दगी से जीना सिख लें….!



जो दिलो में शिकवे और जुबान पर शिकायते कम रखते है,
वो लोग हर रिश्ता निभाने का दम रखते हैं…



मैंने अपनी शाम चिरागों से क्या सजा ली,
कुछ दोस्तों ने हवाओं से शर्त लगा ली..



गुलाम बनोगे तो कुत्ता समजकर लात मारेगी ये
दुनिया,
नवाब बनोगे तो शेर समजकर सलाम ठोकेगी ये
दुनिया….



आज भी कितना नादाँ हे दिल समझता ही नही…..
बरसो बाद भी उन्हें देखा तो दुवाए मांग
बेठा…..



ऐ समन्दर…
मैं तुझसे वाकिफ नहीं हूँ मगर इतना बताता हूँ,
वो आँखें तुझसे ज़्यादा गहरी हैं जिनका मैं आशिक हूँ.



मेरी आँखों में छुपी उदासी को महसूस तो कर..
हम वह हैं जो सब को हंसा कर रात भर रोते हैं…



“मुझे कुछ अफ़सोस नहीं के मेरे पास सब कुछ होना चाहिए था ।
मै उस वक़्त भी मुस्कुराता था जब मुझे रोना चाहिए था ।!



बड़ी बरकत है तेरे इश्क़ में
जब से हुआ है,
कोई दूसरा दर्द ही नहीं होता।…..



वो उम्र भर तो साथ िनभा ना सके मेरा 
लेकिन याद बनकर उसने मुझे कभी तन्हा ना छोड़ा..



तेरी सिर्फ एक निगाह ने खरीद लिया हमे,
बड़ा गुमान था हमे की हम बिकते नहीं।।



सुना था कभी किसी से,
ये भगवान की दुनिया है,
और मोहब्बत से चलती है…


करीब से जाना तो समझा,
ये स्वार्थ की दुनिया है,
और बस जरुरतों से चलती है…



खूबसूरती से धोका न खाइये जनाब…..
तलवार कितनी भी खूबसूरत क्यों न हो…


मांगती तो……..
खून ही हे…….



इरादा कत्ल का था तो,
सर कलम कर देते तलवार से,


क्यों इश्क़ में ढाल के तुमने,
हर सांस पे मौत लिख दी।



कौन कहता है कि दिल सिर्फ लफ्जों से दुखाया जाता है..
तेरी खामोशी भी कभी कभी आँखें नम कर देती हैं…



Bhula Diye The Jo Waqt Ke Bhanwar Me Hamne
Aaj Dil Ke Wo Puraane Zakham Tezaab Ho Gaye…



Khushboo Ki Tarah Aapke Pass Bikhar Jayenge,
Sukun Banker Dil Me Utar Jayenge,


Mehsus Karne Ki Koshish Toh Kijiye,
Dur Hote Hue Bhi Hum Pass Nazar Aayenge….



“फ़ोन के रिश्ते भी अजीब होते हैं,
बैलेंस रखकर भी लोग गरीब होते हैं,


खुद तो मैसेज करते नहीं,
मुफ्त के मैसेज पढ़ने के शौक़ीन होते हैं”



कश्ती के मुसाफिर ने समँदर नहीँ देखा ।
आँखो को देखा पर दिल के अन्दर नहीँ देखा ।


पत्थर समझते है मुझे मेरे चाहने वाले ।
हम तो मोम थे किसी ने छुकर नहीँ देखा ।



न जाने क्या मासूमियत है तेरे चेहरे पर …..
तेरे सामने आने से ज़्यादा तुझे छुपकर
देखना अच्छा लगता है …!



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Best 2 Lines Shayari in Hindi, दो लाइन के शेर | अध्याय 12

January 19, 2023

Best 2 Lines Shayari in Hindi

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दो शब्द तसल्ली के भी नहीं मिलते इस शहर मैं
लोग दिल मैं भी दिमाग लिए फिरते हैं !


ज़िंदगी की उम्र कुछ कम हो रही थी
वो साँसे दे गयी फिर से मेरे दर्द को !


एक सच्चा दिल सब के पास होता हैं
फिर क्यों नहीं सब पे विश्वास होता हैं


इंसान चाहे कितना भी आम हो
वो किसी न किसी के लिए जरुर खास होता हैं.


Mujhe Is Jahaa Me Aaye To Kaafi Waqt Ho Gaya…
Bas Logo Ko Nazar Aata Hu,
Unki Zarurato Ke Hisab Se…


ना ठुकरा मेरी दोस्ती मुझे गरीब समज कर ए दोस्त,
यह दौलत वाले खरीदार तो होते है,
लेकिन वफादार नही.


रात सारी गुज़र जाती है इन्हीं हिसाबों में,
उसे मोहब्बत थी…?

नहीं थी…? है…?नहीं है…!


मैंने ज़िन्दगी से कुछ नहीं माँगा तेरे सिवा….
और ज़िन्दगी ने मुझे सब कुछ दिया 

तेरे सिवा…..


Na Chaho Fir Bhi Ye Ishq Insaan Ko Deewana Bana Deta He,
Ajeeb Khel He Uprar Wale Ka,
‘Dil’ To Deta He Magar ‘Dhadkan’ Kisi Aur Ko Bana Deta Hai…


Dooriyon Se Farq Nahi Padta,
Baat To Dilon Ke Nazdikiyon Se Hoti Hai,

Dosti Aap Jaise Kuch Khaas Logon Se Hoti Hai,
Varna Mulakat To Roz Na Jaane Kitne Logon Se Hoti Hai…


ये आरज़ू थी कि ऐसा भी कुछ हुआ होता;
मेरी कमी ने तुझे भी रुला दिया होता;


मैं लौट आता तेरे पास एक लम्हे में;
तेरे लबों ने मेरा नाम तो लिया होता!


Apnay Siwa Batao Tumhein Kuch Mila Hai Jaanu;
Hazar Bar Lee Hain Tumne Mere Dil Ki Talashiyaan!


अब कहा जरुरत है हाथों मे पत्थर उठाने की,
तोडने वाले तो जुबान से ही दिल तोड देते हैं..


मेरे ऐब मुझे उंगलिओं पे गिनाओ यारो,
बस मेरी गैर- मौजूदगी मैं मुझे बुरा मत कहना..


ये दबदबा,
ये हुकुमत,
ये नशा,
ये दौलतें………


सब किरायदार है,
घर बदलते रहते हैं…….


मरहम न सही एक जख्म ही दे दो
महसूस तो हो की हमे तुम भूले नहीं हो..


दर्द दे कर इश्क़ ने हमे रुला दिया,
जिस पर मरते थे उसने ही हमे भुला दिया,

हम तो उनकी यादों में ही जी लेते थे,
मगर उन्होने तो यादों में ही ज़हेर मिला दिया


गुज़र गया आज का दिन भी यूं ही बेवजह…
ना मुझे फुरसत मिली,
ना तुझे ख़्याल आया…!


बस ‘जान’ जाओ मुझे,
यही ‘पहचान’ है मेरी…


हम ‘दिल’ में आते हैं,
‘समझ’ में नहीं..


रोज़ इक ताज़ा शेऱ कहां तक लिखूं तेरे लिए,
तुझमें तो रोज़ ही एक नयी बात हुआ करती है…


यादो की कीमत वो क्या जाने जो 
ख़ुद यादों को मिटा दिए करते है …

यादों का मतलब तो उनसे पूछो जो 
यादो के सहारे जिया करते है…!

Yaado Ki Kimat Wo Kya Jane Jo 
Khud Yado Ko Mita Diye Karte Hai …

Yaado Ka Matlab To Unse Pucho Jo 
Yaado Ke Sahare Jiya Karte Hai…!


आग लगी थी मेरे घर मे,
बचा ही क्या है?


मैँने कहा- मैँ बच गया हूँ
वो बोली- तो फिर जला ही क्या है?


जली रोटीयो पर बहूत शोर मचाया तूमने..
मां की जली ऊंगलीयो को देख लेते तो भूख
ही उड़ ग इ होती॥


यूँ तो हर रंग का मौसम मुझ से वाकिफ है मगर
रात की तन्हाई मुझे कुछ अलग ही जानती है….


ना पीछे मुड़ के तुम देखो. 
ना आवाज़ दो मुझ को….

बड़ी मुश्किल से सीखा है …

तुमको अलविदा कहना..


तुम्हारा वो पुराना साथ अब न मिलेगा मुझे,
शायद इसलिए तेरी यादों के साथ सो रहा हूँ मैं।


सच में,
जबसे हुए हो दूर तुम जिंदगी से मेरी,
कैसे कहूँ की कितना अकेला सा हो गया हूँ मैं।


रूठ गए हमारे सब चाहने वाले 
रूठ गए हमें मानाने वाले अब 

तो मोबाइल भी हम से पूछता है 
कहा गए तुम्हे रोज़ SMS करने वाले!

Ruth Gaye Hamaare Sab Chahane Vaale 
Ruth Gaye Hame Manane Wale Ab

To Mobile Bhi Hum Se Puchta Hai 
Kaha Gaye Tumhe Roz Sms Karne Wale!


लोग समझते हैं के मैं तुम्हारे हुस्न पर मरता हूँ..
अगर तुम भी यही समझते हो तो सुनो..
जब हुस्न खो दो तब लौट आना…


हर नए ज़ख़्म पे यूँ ही नहीं मुस्कुरा देते ..
याद आता है मुझे जान से प्यारा कोई!


दिया है ठोकरों ने सम्हलने का हौसला
हर हादसा ख़याल को गहराई दे गया…


उसी का शहर,
वही मुद्दई,
वही मुंसिफ
हमीं यकीन था,


हमारा कुसूर निकलेगा
यकीन न आये तो एक बार पूछ कर देखो
जो हंस रहा है वोह ज़ख्मों से चूर निकलेगा


Saans Tham Jati Hai Par Jaan Nahi Jati.
Dard Hota Hai Par Aawaz Nahi Aati.


Ajib Log Hai Is Zamane Mein.
Koi Bhul Nahi Pata Or Kisi Ko
Yaad Nahi Aati…


अगर हो इजाज़त तो तुमसे एक बात पूछ लू !
वो जो इश्क हमसे सीखा था,
अब किससे करते हो..



आइना देखा जब ,
तो खुद को तसल्ली हुई,
ख़ुदग़र्ज़ी के ज़माने में भी कोई तो जानता है हमें………



खुबसुरती के तो हर कोई आशिक होते हैँ।
किसी को खुबसुरत बनाकर इश्क किया जाय तो क्या बात है.



चलने की कोशिश तो करो,
दिशाए बहोत है,

रस्तो पे बिखरे काटो से ना डरो,
तुम्हारे साथ दूवाए बहोत है |



“जीत की ख़ातिर बस जूनून चाहिए,
जिसमे उबाल हो ऐसां खून चाहिए,

ये आसमा भी आएगा जमी पर ,
बस इरादों में जीत की गूँज चाहिए……..



Mein Khud Garz Nahi K Khushion Pe Mar Mitoo,
Gum B Mujhe Aziz Hein Apnon K Diye Howe…



तुम ना अपनी ‘हद्द’ में रहा करो,
आजकल बे’हद्द’ याद आने लगे हो …!



क्या ज़रुरत थी दूर जाने की
पास रह कर ही तुम सता लेते…



इस दुनिया में लाखों लोग रहते हैं;
कोई हँसता है तो कोई रोता है;


पर दुनिया में सुखी वही होता है;
जो शाम को दो पैग लगा कर सोता है।



कुछ कहने से पहले ,
उसने सोचा भी नहीं ।


उसकी इस भुल ने ,
हाथों में जाम दे दिया।।



सौदा कुछ ऐसा किया है तेरे ख़्वाबों ने
मेरी नींदों से….


या तो दोनों आते हैं …. 

या कोई नहीं आता !



ए रात मेरी तनहाई देख कर,
मुझ पर मत हंस इतना वरना,

जिस दिन मेरा यार मेरे साथ होगा..
तू पल में गुज़र जायेगी…..



मेरे ख्वाबों का उसे कौन पता देता है।
नींद में आके वो अक्सर ही जगा देता है।



दुनिया के बड़े से बड़े साइंटिस्ट,
ये ढूँढ रहे है की मंगल ग्रह पर जीवन है या नहीं,
पर आदमी ये नहीं ढूँढ रहा कि जीवन में मंगल है या नहीं।



क्या हुवा जो एक दिल टुटा…..
इससे मोहंबत का अंजाम तो सिखा…



Talaash Kar Meri Kami Ko Apne Dil Me,
Dard Huwa To Samajh Lena Mohabbat Abhi Baaki Hai…



तन्हाई में भी कहते है लोग,
जरा महफ़िल में जिया करो.


पैमाना लेके बिठा देते है मैखाने में,
और कहते है जरा तुम कम पिया करो….



माचिस की ज़रूरत यहाँ नहीं पड़ती…
यहाँ आदमी आदमी से जलता है…!



मैं चुप रहा और ग़लतफ़हमी बढ़ती गयी
उसने वो भी सुना जो मैंने कभी कहा ही नहीं…



गिलास में पड़ी,
शराब के दो घूंटो में ही थी ज़िन्दगी
और हम ज़िन्दगी को कहाँ कहाँ ढूंढते रहे…



तुमने भी हमें बस एक दिए की तरह समझा था,
रात गहरी हुई तो जला दिया सुबह हुई तो बुझा दिया !



जहासे तेरी बादशाही खत्म होती है
वहासे मेरी नवाबी सुरु होती है



Na Rakho Chahat Kuch Paane Ki,
Na Hogi Fikar Kuch Khone Ki,


Lutate Raho Pyaar Kyun Ki Hoti Hai 

Bahut Kam Umar Nafrat Ki…!



लाख चाहूँ तो भी ये जान निकलती नहीं है
वो लौट के आने का वादा जो कर गए ह…



तुजे कया खबर तेरी याद ने मुझे कीस तरह सताया….
कभी अकेले मे हसा दीया तो कभी भरी मेहफील मे रुलाया…



चलो मान लेता हु मुझे मोहब्बत करना नहीं आता
लेकिन आप ये बतावो की आप को दिल तोडना किस ने सिखाया..



“चलो दूर चलते है इस इंटरनेट से,
घर के रिश्ते “इंतजार” कर रहे है..



तुम पत्थर भी मारोगे तो भर लेंगे
झोली अपनी ।…
क्योंकि हम दोस्तो के तोहफ़े ठुकराया नहीं करते |



ज़िन्दगी शायद कहीं फिर से रास्ते मिला दे,
मगर एक बात याद रखना कि “तुम मुझे खो चुके हो”|



Wo Aur Log Honge Jinko Tere Didar Ki Hasrat Hogi…
Main Ne Tuje Bepana Chaha Hai Binna Didar Kiye.



Toot Sa Gaya Hai Meri Chahton Ka Wazood,
Ab Koi Achha Bhi Lage To Izhaar Nahi Karte..



उन्हे सफेद रंग पसंद था इस लीये हमने ये रंग अपना लीया,
ये दुनीया वालो ने तो हमे खामखा सुलतान मीजाँ बना लीया..



कौन तेरी चाहत का फ़साना समझेगा इस दौर में…. 
यहाँ तो लोग अपनी ज़रूरत को ही मोहब्बत समझते हैं…..

Koun Teri Chahat Ka Fasana Samjhega Is Daur Me…. 
Yaha To Log Apni Zarurat Ko Hi Mohabbat Samjhte Hain…..



एक सपना टूट कर बिखरा जमीन पे …
बाबजूद सन्नाटो के कोई आवाज़ नही हुई …



बहुत याद आते हो ……..
”तुम”
दुआ करो मेरी याददाश्त चली जाये…!



Bohot Mushkil Ho Gaya Khud Ko Sambhale Rakhna
Magar Wo Keh Gye The Apna Khayal Rakhna…



ना जाने कौन मेरे हक में दुआ पढ़ता है
डूबता भी हु तो समन्दर उछाल देता है…



Varsad Ma Bhinjvu Gamse Mane,
Tari Lagni Ma Tanavu Gamse Mane,

Udas Tari Aankho Mathi Nitre Che Dard Ketlu,
Bhag Aapo To Bhagidar Thavu Gamse Mane.



“रातों को आवारगी की आदत तो
हम दोनों में थी.!

अफ़सोस चाँद को ग्रहण
और मुझे इश्क हो गया.!



मेने अपनी बैचेनी का एक
हिस्सा जलाया था कुछ देर पहले,
लोगो को सिर्फ सिगरेट नज़र आया…



कुछ और कश लगा ले ऐ ज़िन्दगी…
बुझ जाऊंगा किसी रोज़ सुलगते – सुलगते…



Tere Rone Se Unke Dil Pe Kuch Asar Na Hoga Aye Dil…
Ehsaas To Unka Hota Hai Jin Ke Chahnewale Aur Na Ho…!



किताब में दबी…..
जब तेरी उलटी तस्वीर नज़र आती है….
“तेरा वो पलट के देखना याद आता है….”



हक़ीकत से बहोत दूर है ख्वाहीश मेरी,
फिर भी ख्वाहीश है कि एक ख्वाब हक़ीकत हो जाये।



मेरे तो दर्द भी औरो के काम आते है,
मै रो पडु तो कई लोग मुस्कराते है!



Wo Kisiki Khaatir Mujhe Bhool Bhi Gay To Koi Baat Nahi….
Hum Bhi To Bhool Gaye They Saara Zamana Uske Khaatir…
.



सोचों तो सिलवटों से भरी है तमाम रूह |
देखो तो शिकन भी नहीं है लिबास में |



वो जो आँखों को सुकून देती थी….
कुछ रोज़ हुए हैं वो दिल को दर्द देती है…



हंसी आती ये सोचकर कि दर्द कोई
समझता नही……
मगर उन्हीं दर्दनाक अल्फ़ाज़ो पर दाद देते है लोग।



आये थे हंसते खेलते मैखाने में ‘फिराक’
जब पी चुके शराब तो संजीदा हो गये



तुम्हारी शर्तो से शहेनशाह बनने से बहेतेर हे
की अपनी शर्तो पे फ़क़ीर बन जाऊ..



Mout Aaye To Din Fire Saayad,
Is Zindagi Ne To Maar Daala Hei..



Teri Chahat Ab Meri Aankhon Me Hai…..
Teri Khushbu Meri Sanson Me Hai….


Mere Dil Ko Jo Ghayal Kar Jaye……
Aisi Ada Sirf Teri Baaton Me Hi Hai…..



Kon Puchhta Hei Pinjre Me Bandh Panchhi O Ko
Yaad To Bas Wohi Aate Hei,
Jo Ud Jate Hai..



पहले तो मोहब्बत का नशा था दोस्तों,,,,
दिल टूटा के नशे से ही मोहब्बत हो गयी।।



दोस्तों—-
मजाक और पैसा काफी सोच समज
कर उडाना चाइए…



मेरी ‘खामोशी’ का कोई मोल नही,
उसकी ‘ज़िद्द’ की कीमत ज्यादा है…!



मुझको जब ऊँचाई दे
मुझको जमीं दिखाई दे


एक सदा ऐसी भी हो
मुझको साफ सुनाई दे


दूर रहूँ मैं खुद से भी
मुझको वो तनहाई दे



Wo Dekhta Hei Roj Dubta Hua Shuraj Kas,
Ham Bhi Kisi Shaam Ka Manzar Hote..



दुनिया में सब चीज मिल जाती है,….
केवल अपनी गलती नहीं मिलती…..



ऐ ज़िन्दगी मुझे कुछ ,
मुस्कुराहटें उधार दे दे…
‘अपने’ आ रहे हैं मिलने की रस्म निभानी है…



अब ऩ कोई हमे मोहब्बत का यकीन दिलाये,
हमें रूह में भी बसा कर निकाला है लोगो ने…



Me Tumhe Kismat Ki Lakeeron Se Chura Leta…..
Faqat Ek Bar Tumne Mera Hone Ka Dawa To Kiya Hota…



उस मासूम शराब की मोहब्बत भी क्या खूब थी ।।
जालिम एक बार लबो पे लगी तो फिर कभी उसने बेवफाई ना की।।



Ajeeb Hain Ye Muhabbat K Asool…
Ruth Koi Jata Hai,
Toot Koi Jata Hai…



हमको ख़ुशी मिल भी गई तो कहा रखेगे हम!
आँखों में हसरतें है तो दिल में किसी का गम !



Tum Laut K Anay Ka Takalluf Mat
Karna,
Hum Ek Mohabbat Ko Do Baar Nahi Kartay…!!



अजब मुकाम पे ठहरा हुआ है 
काफ़िला ज़िन्दगी का……..

सुकून ढूँढने चले थे,
नींद ही गँवा बैठे।।




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January 18, 2023

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वक्त पे न पहचाने कोई ये अलग बात,
वैसे तो शहर में अपनी पहचान बहुत हैं।।।


कहाँ तलाश करोगे तुम मुझ जैसा कोई…..
जो तुम्हारे सितम भी सहे…. 

और तुमसे मुहब्बत भी करे ॥


मुझे यकीन है मोहब्बत उसी को कहते हैं,
के ज़ख़्म ताज़ा रहे और निशान चला जाए..


ज्यादा कुछ नहीं बदला
ज़िन्दगी में,
बस बटुए थोड़े भारी
और
रिश्ते थोड़े हलके हो गए !


Bin Tere Mujko Zindagi Se Khauff Lagta Hai……
Kisto Kisto Mein Marr Raha Hu Aisa Roz Lagta Hai


काश कुछ दिनों के लिए,
दुनियाँ को छोड़ जाना मुमकिन होता !

सुना है लोग बहुत याद करते हैं,
दुनियाँ से चले जाने के बाद !


हजारो बार ली हैं तलाशियाँ तुमने मेरे दिल की,
बताओ कभी कुछ मिला है तुम्हारे सिवा !


अजीज़ तो हम भी सब के थे,

फ़राज़
मगर सिर्फ उनके मतलब निकल जाने तक……..


रूठा हुआ है मुझसे इस बात पर ज़माना,
शामिल नहीं है मेरी फ़ितरत में सर झुकाना.


Hazaron Aib He Mujh Me,
Mujhe Maloom He Lekin…


Koi Ek Shaks He Aisa,
Jo Mujhe Anmol Kehta He…


न करना वक्त से तुम बदतमीजी…
कि वो अक्सर पलटकर बोलता है !


वोह अल्फ़ाज़ ही क्या जो समझानें पढ़ें,
हमने मुहब्बत की है कोई वकालत नहीं ।


ये तेरे याद के बादल जो बसते हे 
इन आँखों में काजल की तरह….
यूँ बेवजह बरसजाना…………. 

तो इनकी आदत ना थी….!


कल रात उसको ख्वाब मे गले से लगाया था मैने…
आज दिन भर मेरे दोस्त मेरी महक का राज पूछते रहे…



सिमटते जा रहें हैं….
दिल और ज़ज्बात के रिश्ते….
सौदा करने मे जो माहिर है….

बस वही धनवान है…



पता है मैं हमेशा खुश क्यों रहता हूँ ?
क्योंकि मैं खुद के सिवा किसी से
कोई उम्मीद नहीं रखता..



मैंने सारी रात पत्तियों को देखा बारिश के पानी को बूँद बूँद रिहा करते हुए…
किसी अपने को खोना भी शायद ऐसा ही कुछ लगता हैं…



जानता हूँ खुद को…
इसलिए खुद से बहस नहीं करता…



सच बोलता हूँ तो टूट जाते हैं रिश्ते,
झूठ कहता हूँ तो खुद टूट जाता हूँ….



हालात ने तोड़ दिया हमें कच्चे धागे की तरह…
वरना हमारे वादे भी कभी ज़ंजीर हुआ करते थे..



किसने कहा,
मेरे दिल में मेहमान बन के आया कर ऐ-दोस्त,

ये तेरी सल्तनत है,
जब भी आए,
सुलतान बन के आया कर…



Acha Hua Maloom Ho Gaya,
Apno Ki Mohabbat Ab Mohabbat Nahi Rahi,

Warna Hum Toh Apna Ghar Bhi Chhod Rahe They,
Unke Dil Main Rehne Ke Liye



दुश्मनों से मुहब्बत होने लगी है मुझे,
जैसे-जैसे दोस्तों को आज़माता जा रहा हूँ मैं…



“तन्हाईयां जाने लगी जिंदगी मुस्कुराने लगी,
ना दिन का पता है ना रात का पता.


आप की दोस्ती की खुशबू हमे महकाने लगी,
एक पल तो करीब आ जाओ धड़कन भी आवाज़ लगाने लगी..

जो लम्हे हैं चलो हँस कर बिता ले…!
जाने कल जिंदगी का क्या फैसला होगा !



जब भी वो उदास हो उसे
मेरी कहानी सुना देना ,

मेरे हालात पर हंसना उसकी पुरानी आदत
है .



इक उम्र गुजार दी हमने,
रिश्तों का मतलब समझने में..

लाेग मशरूफ हैं,
मतलब के रिश्ते बनाने में…!



बुलन्दियों को पाने की ख्वाहिश तो बहुत थी…
लेकिन,
दूसरो को रौंदने का हुनर कहां से लाता!



आज मेरे शहर में धुप खिली खिली सी है..
पता नहीं सूरज निकला है या घर से वो निकली है..



मै फिर से निकलूँगा तलाशने को मेरी जिन्दगी में खुशियाँ यारों……
दुआ करना इस बार किसी से मोह्हबत ना हो ..



Mohabbat Mein Kisi Ka Imtihan Na Lo Kbi,
Jo Nibha Naa Sako Wo Vada Na Do Kbi,

Jisy Tum Bin Rehny Ki Adat Hi Na Ho,
Usy Jeny Ki Dua Naa Do Kbi.



थोड़ी बहुत मुहब्बत से काम नहीं चलता ऐ दोस्त,
ये वो मामला है जिसमें या सब कुछ या कुछ भी नहीं..



खामोशी की जुबां बयां कर देती है सब कुछ,
जब दिल का रिश्ता जुड जाता है किसी से …



यह आरजू नहीं कि किसी को भुलाएं हम,
न तमन्ना है कि किसी को रुलाएं हम,

जिसको जितना याद करते हैं,
उसे भी उतना याद आयें हम.



“खोने की दहशत और पाने की चाहत न होती,
तो ना ख़ुदा होता कोई और न इबादत होती .



जुबां तो खोल,
नज़र तो मिला,
जवाब तो दे..

मै तुझपे कितनी बार लुटा हूँ मुझे हिसाब तो दे…



मुझसे नफरत कर…
“बेशक कर “.!

पर उतनी ही कर,
जितनी तुने मोहब्बत की थी..



मेरी तबाही का इल्जाम अब शराब पर है…
करता भी क्या..
बात जो तुम पर आ रही थी….



तेरे आने से पहले उदासी रहती है,
तेरे जाने के बाद उदासी छाती है…


इस बीचजो वक़्त गुज़रता है उसे मैं
ज़िन्दगी नाम देता हूँ…



कभी ऐसी भी बेरुखी देखी है तुमने
“”एय दिल “”
लोग आप से तुम ,


तुम से जान ,
और जान
से अनजान हो जाते हैं…



जीँदगी हो या शतरंज,
मजा तभी है दोस्त,

जब रानी मरते दम तक साथ हो…….



इन बादलों का मिजाज
मेरे महबूब से बहुत मिलता है ।
कभी टूट के बरसते हैं कभी बेरुखी से गुज़र जाते हैं ।



चाँद का मिजाज भी,
तेरे जैसा है..

जब देखने की तम्मना होती है,
नज़र नहीं आता…



इसे लबों से चूमते हैं… ज़ुबाँ से छेड़ते
हैं…बूँद-बूँद… धीरे धीरे… ये शराब हैं
जनाब… इसे हम यूँ ही नहीं पीते..



हर रिश्ते मे मिलावट देखीं,
कच्चे रँगों क़ी सजावट देखी।


लेकिन सालों-साल देखा है माँ को,
उसके चेहरे पर ना थकावट देखीं,
ना ममता मे मिलावट देखी।



तेरी यादों की उल्फ़त से सजी है महफिल मेरी …..

मैं पागल नही हुँ ..
? जो तुझे भूल कर वीरान
हो जाऊ…



मियाँ..
मरने के लिए थोड़ा सा,
लेकिन जिंदा रहने के लिए बहुत सारा जहर पीना पड़ता है ।



खवाहिश नही मुझे मशहुर होने की….
तुम मुझे पहचानते हो,
बस इतना ही काफी है..



“तकदीर ने जैसा चाहा ढल गये हम,
यूं तो संभल कर चले थे फिर भी फिसल गये हम,

अपना यकीन है कि दुनिया बदल गयी,
पर सबका खयाल है कि बदल गये हम.”



कुछ रिश्तो में इन्सान अच्छा लगता है.
और कुछ इन्सानों से रिश्ता अच्छा लगता है..



यु तो क्या कहे की जिंदगी ने इम्तेहान बहुत लिए…
आँखों में आंसू कम,
पर दिल पे जख्म कई दिए…


हर पर ख़ुशी की तलाश में भटकती रही जिन्दगी…
ख़ुशी न मिली,
तो गम छुपाने के लिए मुस्कुरा दिए…



खुल जाता है उस की यादों का बाज़ार सुबह सुबह,
बस मेरा दिन इसी रौनक में गुज़र जाता है ।



कौन है इस जहाँ मे जिसे धोखा नहीं मिला,
शायद वही है ईमानदार जिसे मौक़ा नहीं मिला…



“वक़्त बदलता है हालात बदल जाते हैं,
ये सब देख कर जज़्बात बदल जाते हैं


ये कुछ नही बस वक़्त का तक़ाज़ा है दोस्तो,
कभी हम तो कभी आप बदल जाते हैं.”



“शाम खाली है जाम खाली है,
ज़िन्दगी यूँ गुज़रने वाली है,
…”



Lehro Ko Khamosh Dekhkar Yeh Nah Samaj Ki 
Samandar Mai Ravangi Nahi Hai..

Hum Jab Bhi Uthege Tufan Banke 

Uthege Bas Uthne Ki Abhi Thani Nahi Hai…!



तेरे लबों पे चंद जमी हुई शिक़ायतें…
ख़ामोशी मुझको अक्सर सुनाया करती हैं…



Mujhe Mere Kal Ki Fikar Aaj Bhi Nahi Hai..
Par Khuwahish To Tujhe Paane Ki Qayamat Tak Rahegi..



वोह कबसे तलवार लिये मेरे पीछे भाग रही है…
मैने तो मजाक मै कहा था की…
दिल चीर के दैख… तेरा ही नाम होगा…



जो तेरी आंखो से बयान होते हैं,
वो लफ़्ज़ किताबों मे कहाँ मिलते हैं…



कुछ रिश्तें मेहँदी के रंग की तरह हाेते है,

शुरूआत में चटख़ ,
बाद में फिके पड जाते है..



मरने की लाखो वजह देती है दुनिया
पर जीने की वजह तो बस एक तू है ..



रिश्तों की ख़ूबसूरती एक दूसरे की बातें बर्दाश्त करने में है,
ख़ुद जैसा इन्सान तलाश करोगे तो अकेले रह जाओगे।



Wo Mujh Se Bichda To Bichad Gye Zindagi..
Mein Zinda To Raha Magar Zindon Me Na Raha..



ज़िन्दगी तुझसे हर कदम पर समझौता करूँ,
शौक जीने का है मगर इतना भी नहीं।L



Jis Din Band Kar Li Maine Ankhe,
Kai Ankho Se Uss Din Aansu Barsenge,

Jo Kehte Hai K Bahut Tang Karta Hu 

Me Wahi Meri Ek Sharart Ko Tarsenge…



अब हम इश्क के उस मुक़ाम पर आ चुके हैं
जहां दिल किसी और को चाहे भी तो गुनाह होता है..



“समंदर की लहरों पर,
पैरों के निशान बना सकता हूँ!

तुम साथ ग़र दो तो,
जमीं पर आसमां बना सकता हूँ!



सीख रहा हूं अब मैं भी इंसानों को पढने का हुनर
सुना है चेहरे पे किताबों से ज्यादा लिखा होता है…..



ये भी अच्छा है सिर्फ सुनता है;
दिल अगर बोलता तो कयामत हो जाती ।



दो दिन का कर के इश्क़ ज़िन्दगी भर का ग़म दे दिया..
कमबख्त इतना सूद तो किसी मुनीम ने भी ना लिया…



तुम सामने आये तो,
अजब तमाशा हुआ..

हर शिकायत ने जैसे,
खुदकुशी कर ली..



कोई मुझ से पूछ बैठा ‘बदलना’ किस को कहते हैं?
सोच में पड़ गया हूँ मिसाल किस की दूँ ?
“मौसम” की या “अपनों” की ??!



मुहमाँगा दाम दूंगा यारों…
मुझे इक ऐसे काबिल
सपेरे से मिलवा दो …


कि जो आस्तीन में छुपे
साँपों को बाहर निकाल सके ..



अभी मसरूफ हूँ काफी कभी फुरसत में सोचूंगा,

कि तुझको याद रखने में,
मैं क्या-क्या भूल जाता हूँ….



एक पल है बहुत खुद को समझने के लिए ।
और उस पल के लिए उमर गुजर जाती है ।



हम समझते कम और समझाते ज्यादा हैं …
इसलिए सुलझते कम और उलझते ज्यादा हैं ….



Zakham De Kar Na Puch Dard Ki Shiddat,
Dard To Phir Dard Hai,
Kam Kya,
Zeyaada Kya….



आदत हो गयी है तेरे करीब रहने की……
तेरी सांसो की खुशबु वाला इत्र मिलता है कही….!



Naa Aarzoo Hai Jeene Ki,
Na Fariyaad Hai Jaane Ki…


Agar Khuda Ek Pal Bhi Mujhe Dede Mere Marzi Ka…
Us Pal Me Koshish Kar Lunga Tujhe Sada K Liye Paane Ki…



Aaj Mere Dil Ko Ek Toofan Ne Rohnd Diya !
Galati Shayad Hamari Hi Thi !

“Kambakht” Aanshu Samaj K Usko Apni Aankho Se Jo Bahne Na Diya !



हादसे से बड़ा हादसा ये हुआ.,
लोग ठहरे नहीं हादसा देखकर……..



बच्चों के छोटे हाथों को चाँद सितारे छूने दो;
चार किताबें पढ़कर वो भी हमारे जैसे हो जाएंगे।



वो चुपके से जरूर आएगी मिलने मुझसे….
हकीकत नही तो “सपने” मे ही सही…



“ऐ मौत उन्हें भुलाए जमाने गुजर गए,
आ जा कि जहर खाए जमाने गुजर गए…


ओ जाने वाले !
आ कि तेरे इंतजार में
रास्ते को घर बनाए जमाने गुजर गए…



न जाहिर हुई तुमसे,
न बयान हुई हमसे।
बस
सुलझी हुई आँखो मेँ,
उलझी रही मोहब्बत॥



तनहा रहेने का भी अपना मज़ा है दोस्तों…….
यकीन होता है की कोई छोड़कर नहीं जायेगा,

और
उम्मीद नहीं होती किसी के लौट आने की…!



“क्यूँ ना गुरुर करता मैं अपने आप पे,
मुझे उसने चाहा… जिसके चाहने वाले हज़ारों थे…..



हम सिर्फ इक तेरे दीदार की खातिर आते है गली में तेरी,

वरना हमारे लिए पूरा शहर पडा है,
आवारगी करने को………



Hum Donon Hi Darte The,
Ek Dusre Se Baat Karne Se,

Main,
Muhabbat Ho Gayi Thi Isliye,
Wo Muhabbat N Ho Jaye Isliye…



Suna Hai Zehar Peene Se Maut Aati Hai,
Hum To Behisab Peekar Bhi Jee Rahe Hai…!



Aaj Bewafaao Ki Mahefil Saji Hei
Waqt Nikaal Ke Tum Bhi Aa Jaana..



कुछ कर गुजरने की चाह में,
कहाँ कहाँ से गुजरे
अकेले ही नज़र आये हम,
जहां जहां से गुजरे…



Dil Mein Khila Hai Aapke Naam Ka Phool
Dil Se Kahi Hona Jaye Koi Bhool


Dil Ka Hai Aapke Liye Alag Sa Usool
Ki Aapki Khushi Ke Aage Hai Sab Kuch Qubool !



उसको रब से इतनी बार माँगा है
की अब हम सिर्फ हाथ उठाते है तो
सवाल फ़रिश्ते खुद ही लिख लेते है ।



एक सवेरा था जब हँस कर उठते थे हम और..

आज कई बार..
बिना मुस्कुराये ही शाम हो जाती है..



कोई नाराज हैँ हमसे हम कुछ लिखते नहीँ,
कहां से लाएं लफ्ज जब वो हमसे मिलते नहीँ …



उसको रब से इतनी बार माँगा है,

की अब हम सिर्फ हाथ उठाते है तो
सवाल फ़रिश्ते खुद ही लिख लेते है ।



“हर बात मानी है तेरी सर झुका कर ए जिंदगी,
हिसाब बराबर कर…. तू भी तो कुछ शर्तें मान मेरी”



ना बादशाह हूँ मै दिलों का,
ना शायर हूँ मै लफ़्ज़ों का ..

बस जुबां साथ देती है,
मै बातें दिल से करता हूँ !




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