[आश्चर्यजनक तथ्य]: 15 रोचक तथ्य जो आप स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के बारे में नहीं जानते होंगे

15 रोचक तथ्य जो आप स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के बारे में नहीं जानते होंगे

1. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाने में 57,00,000 किलोग्राम स्ट्रक्चरल स्टील का इस्तेमाल किया गया है।

2. 182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति है।

3. गुजरात के नर्मदा जिले के केवडिया में स्थापित इस मूर्ति को बनाने में 2989 करोड़ की लागत आई है।

4. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को बनाने में 44 महीने लगे।

5. सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा के लिए 'लोहा दान' अभियान चलाया गया था। देश के कई कोनों से आम लोगों से लोहे का दान मांगा गया था। जिसे पिघलाकर मूर्ति बनाने के लिए उपयोग किया जाता था।


6. प्रतिमा बनाने के लिए 2 करोड़ 25 लाख किलोग्राम सीमेंट का इस्तेमाल किया गया था।

7. 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' में दर्शकों के लिए 153 मीटर लंबी गैलरी है, जिसमें एक बार में 200 लोग बैठ सकते हैं।

8. 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि 180 किमी / घंटा की गति से भूकंप या हवा भी बहे, जिससे इस प्रतिमा को कोई नुकसान न पहुंचे।

9. 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' को 7 किमी दूर से भी देखा जा सकता है।

10. 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' अमेरिका स्थित स्टैचू ऑफ लिबर्टी से दोगुना है।


11. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के शीर्ष पर 306 मीटर का पैदल मार्ग पूरी तरह से संगमरमर से तैयार किया गया है।

12. प्रतिमा एकता के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल एकता ट्रस्ट का भी गठन किया गया है।

13. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के नीचे एक संग्रहालय भी है, इस संग्रहालय में सरदार वल्लभभाई पटेल से जुड़ी चीजों को रखा जाएगा।

14. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक पहुंचने के लिए आपको नाव से जाना होगा।

15. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने के लिए आपको 300 रुपये देने होंगे।

16. सरदार वल्लभभाई पटेल की इस प्रतिमा में चार धातुओं का उपयोग किया गया है। जिसकी वजह से बारिश से जंग नहीं होगी।