Best Beyhadh Dialogue, Quotes, Status, Shayari, Poetry & Thoughts | Maya Mehrotra | Jennifer Winget

Best Beyhadh Dialogue, Quotes, Status, Shayari, Poetry & Thoughts | Maya Mehrotra | Jennifer Winget | Beyhadh, Beyhadh 2, Beyhadh Dialogues, Beyhadh Dialogues of Maya, Beyhadh Maya Dialogues, Beyhadh Serial Dialogues, Jennifer Winget,

मेरे इश्क़ की हर बात यादगार होगी.

Mere Ishq Ki Har Baat Yadgar Hogi.

Everything About My Love Story Will Be Remembered


Kuch Galtiyo Ko Maaf Karna Hi Sabse Badi Galti Hai - beyhadh dialogue, beyhadh dialogues, beyhadh dialogues of maya, beyhadh maya dialogue images, beyhadh serial dialogues, beyhadh maya dialogue download
कुछ गलतियों को माफ़ करना ही सबसे बड़ी गलती है
और ऐसी गलती नहीं करनी चाहिए

Kuch Galtiyo Ko Maaf Karna Hi Sabse Badi Galti Hai
Aur Aisi Galti Nahi Karni Chahiye

Forgiving Some Mistakes is a Mistake, 
and You Shouldn't Make Those Mistakes


नज़र और नीयत में सिर्फ इतना फर्क होता है,
की नज़र बड़ी चीज़ों को छोटा दिखाने की गलती करती है 
और नीयत छोटी चीज़ों को बड़ा बताती है

Nazar Aur Niyat Me Sirf Itna Farak Hota Hai,
ki Nazar Badi Cheezo Ko Chota Dikhane Ki Galti Karti Hai 
Aur Neeyat Choti Cheezo Ko Bada Btati Hai

The Only Difference Between Perspective and Intention is 
That Perspective Reduces Things to a Smaller Value and
Intention Turns Things of Smaller Value Into Bigger Value. 


प्यार उसे करो जिसे  कण्ट्रोल कर सको 
अगर प्यार आपको कण्ट्रोल करने लगे 
तो उसे बर्बाद करदो

Pyar Use Karo Jise  Control Kar Sako 
Agar Pyar Apko Control Karne Lage 
to Use Barbad Kardo

Love Only the One You Can Control 
When Love Begins to Control You, 
Destroy It 


अर्जुन दुसरो से अलग है ,
और मुझे कुछ अलग अच्छे लगते हैं . .
बहुत अच्छे..

यहां पर आते हैं सब अपनी मर्ज़ी से,
पर जाते है मेरी मर्ज़ी से..

Arjun Dusro Se Alag Hai ,
aur Mujhe Kuch Alag Acche Lagte Hain . .
bahut Acche..
Yha Par Aate Hain Sab Apni Marzi Se,
par Jate Hai Meri Marzi Se..

Arjun is Different From Others and 
I Like Something Different. 
Everyone Comes Over Here on Their Own Will but 
They Leave Only When I Allow Them to Leave. 


कुत्ते जब इंसान बनने की कोशिश करते है तो 
उसे फैमिली मेंबर बनाए जाते हैं ,

पर जब इंसान कुत्ते बन जाते है तो 
उसे घर से निकल दिया जाते है . .

Kutte Jab Insaan Banne Ki Koshish Karte Hai to 
Usse Family Member Banaye Jate Hain ,

Par Jab Insan Kutte Ban Jate Hai to 
Usse Ghar Se Nikal Deya Jate Hai . .
...
When a Dog Behaves in a Humanised Manner, 
People Adopt the Animal as a Part of Their Family 
but if a Human Behaves in an Animalistic, 
He's Thrown Out of the House.


प्यार में किसी  की जीत नहीं होती 
और  मुझे हारने की आदत नहीं

Pyar Mein Kisi  Ki Jeet Nahi Hoti 
Aur  Mujhe Harne Ki Adat Nahi

There's No Winning in Love and 
I Am Not Habituated to Lose.


beyhadh dialogue, beyhadh dialogues, beyhadh dialogues of maya, beyhadh maya dialogue images, beyhadh serial dialogues, beyhadh maya dialogue download
मुझे प्यार से प्यार नहीं
मुझे जूनून से प्यार है

Mujhe Pyaar Se Pyaar Nahi
Mujhe Junoon Se Pyaar Hai

I'm Not in Love With the Idea of Love
I'm in Love With the Madness It Brings Along.
TAG:
beyhadh dialogue, beyhadh dialogues, beyhadh dialogues of maya, beyhadh maya dialogue images, beyhadh serial dialogues, beyhadh maya dialogue download, beyhadh maya dialogues whatsapp status video download, beyhadh dialogue junoon, beyhadh maya dialogue lyrics, beyhadh dialogues of maya whatsapp status video, beyhadh famous dialogues, beyhadh maya dialogue video download, maya best dialogue beyhadh mp4 download, beyhadh dialogue in hindi, beyhadh maya all dialogues mp3 download, beyhadh maya all dialogues video download, beyhadh maya dialogue ringtone download, beyhadh dialogues of arjun, beyhadh serial maya dialogues download, beyhadh dialogues in english, beyhadh serial dialogue video download, beyhadh dialogues download

1 मार्च से नहीं कर पाएंगे Paytm, फोनपे, Mobikwik जैसे मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल, जानिए वजह



नई दिल्ली। अगर आप भी Paytm, PhonePe, Mobikwik जैसे मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल करते हैं तो ये खबर आपके लिए बुरी खबर है। जल्द ही आप इन मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। पेमेंट्स इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने मार्च 2019 तक सभी मोबाइल वॉलेट्स के बंद होने की आशंका जताई है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के आदेश की वजह से पेमेंट एप संचालन करनी वाली कंपनियों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। अगर आरबीआई ने डेडलाइन की तारीख नहीं बढ़ा तो मार्च तक मोबाइल वॉलेट इस्तेमाल करने वाले 95 प्रतिशत यूजर्स इसका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।


मार्च से नहीं इस्तेमाल कर पाएंगे मोबाइल वॉलेट

ET की खबर के मुताबिक 1 मार्च से आपके फोन में मोबाइल वॉलेट खाता बंद हो जाएगा। भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार बिना केवाईसी वाले लगभग देश भर में कार्यरत 95 फीसदी मोबाइल वॉलेट बंद हो जाएंगे। आरबीआई के आदेश के अनुसार सभी मोबाइल कंपनियों को 28 फरवरी तक अपने ग्राहकों की केवाईसी पूरी करनी है, लेकिन अभी तक ज्यादातर कंपनियों ने अपनी केवाईसी को पूरा नहीं किया है। वो अपने लक्ष्य से बहुत पीछे हैं, ऐसे में 1 मार्च से इन मोबाइल वॉलेट पर बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। अगर ऐसा हुआ तो मार्च से आप मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

रिजर्व बैंक की डेडलाइन 28 फरवरी को होगी खत्म

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने मोबाइल वॉलेट कंपनियों को 28 फरवरी तक सभी यूजर्स के केवाई अपटेड करवाने का आदेश दिया था, लेकिन कंपनियां ऐसा नहीं कर पाईं हैं। हालांकि आरबीआई ने मोबाइल वॉलेट यूजर्स को राहत दी है कि 28 फरवरी के बाद भी अगर आपके वॉलेट में बैलेंस है तो वो खत्म नहीं होगा। आप उस बैलेंस से सामान खरीद सकेंगे। आप चाहें तो पैसों को वो अपने बैंक अकाउंट में भेज सकेंगे, लेकिन आप 1 मार्च से बिना केवाईसी वाले वॉलेट में पैसा नहीं डाल सकेंगे। आप न ही किसी को पैसा भेज सकेंगे।





केवाईसी अपटेड के बिना नहीं कर पाएंगे इस्तेमाल

आरबीआई ने अक्टूबर 2017 में ही सभी मोबाइल वॉलेट कंपनियों को अपने ग्राहकों की नो योर कस्टमर(KYC) करवाने का आदेश दिया था। तब सभी कंपनियां आधार बेस्ट ई-केवाईसी के जरिए जानकारी जुटा रही थीं। इसके बाद साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट की पाबंदी के बाद अब आधार की ई-केवाईसी पर रोक लग गई हैं। अब कंपनियों का ग्राहकों का फिजिकल वेरिफिकेशन करने में मुश्किल हो रही है। कंपनियां अब तक मात्र 10 फीसदी ग्राहकों का डाटा ही जुटा पाई हैं। अभी उन्होंने अधिकतर यूजर्स का बायोमीट्रिक या फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं किया है, जिसके चलते माना जा रहा है कि मार्च से देश में 95 प्रतिशत से ज्यादा मोबाइल वॉलेट बंद हो जाएंगे।

source: oneindia.com

मिर्ज़ा ग़ालिब की अनमोल शायरी | Most Popular Classical Sher of Mirza Ghalib (in Hindi and English)

मिर्ज़ा ग़ालिब का पूरा नाम मिर्ज़ा असदुल्लाह बेग ख़ान था। वह मुगल साम्राज्य के अंतिम वर्षों के दौरान एक प्रमुख उर्दू और फ़ारसी भाषा के कवि थे। वह अब तक के सर्वश्रेष्ठ कवियों में से एक हैं।

मिर्ज़ा ग़ालिब की अनमोल शायरी | Most Popular Classical Sher of Mirza Ghalib (in Hindi and English)

उन्होंने खुद को एएसएडी नाम दिया, जो उनके मूल नाम असदुल्लाह से लिया गया था। और ज्यादातर इस्तेमाल किया जाने वाला पेन का नाम ग़ालिब था। यह कविता लोगों के दिन-प्रतिदिन के जीवन में इस्तेमाल की जाती है। कई लोग अपनी शायरी और कविताएँ सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर पोस्ट करते थे। तो नीचे दिए गए मिर्ज़ा ग़ालिब के कुछ बेहतरीन शायरी हैं।


गैर ले महफ़िल में बोसे जाम के 
हम रहें यूँ तश्ना-ऐ-लब पैगाम के

खत लिखेंगे गरचे मतलब कुछ न हो 
हम तो आशिक़ हैं तुम्हारे नाम के 

इश्क़ ने “ग़ालिब” निकम्मा कर दिया 
वरना हम भी आदमी थे काम के


2. कोई दिन गर ज़िंदगानी और है
कोई दिन गर ज़िंदगानी और है 
अपने जी में हमने ठानी और है 

आतिश-ऐ-दोज़ख में ये गर्मी कहाँ 
सोज़-ऐ-गम है निहानी और है

बारह देखीं हैं उन की रंजिशें, 
पर कुछ अब के सरगिरानी और है 

देके खत मुँह देखता है नामाबर,
कुछ तो पैगाम-ऐ-ज़बानी और है 

हो चुकीं ‘ग़ालिब’ बलायें सब तमाम,
एक मर्ग-ऐ-नागहानी और है.


3. इश्क़
आया है मुझे बेकशी इश्क़ पे रोना ग़ालिब 
किस का घर जलाएगा सैलाब भला मेरे बाद


4. बाद मरने के मेरे
चंद तस्वीर-ऐ-बुताँ, चंद हसीनों के खतूत .
बाद मरने के मेरे घर से यह सामान निकला


5. दिया है दिल अगर
दिया है दिल अगर उस को , बशर है क्या कहिये 
हुआ रक़ीब तो वो , नामाबर है , क्या कहिये

यह ज़िद की आज न आये और आये बिन न रहे 
काजा से शिकवा हमें किस क़दर है , क्या कहिये

ज़ाहे -करिश्मा के यूँ दे रखा है हमको फरेब 
की बिन कहे ही उन्हें सब खबर है, क्या कहिये

समझ के करते हैं बाजार में वो पुर्सिश -ऐ -हाल 
की यह कहे की सर-ऐ-रहगुज़र है, क्या कहिये

तुम्हें नहीं है सर-ऐ-रिश्ता-ऐ-वफ़ा का ख्याल 
हमारे हाथ में कुछ है, मगर है क्या कहिये

कहा है किस ने की “ग़ालिब ” बुरा नहीं लेकिन 
सिवाय इसके की आशुफ़्तासार है क्या कहिये


6. कोई दिन और
मैं उन्हें छेड़ूँ और कुछ न कहें 
चल निकलते जो में पिए होते 

क़हर हो या भला हो, जो कुछ हो 
काश के तुम मेरे लिए होते 

मेरी किस्मत में ग़म गर इतना था 
दिल भी या रब कई दिए होते 

आ ही जाता वो राह पर ‘ग़ालिब ’
कोई दिन और भी जिए होते


7. दिल-ऐ -ग़म गुस्ताख़
फिर तेरे कूचे को जाता है ख्याल 
दिल-ऐ-ग़म गुस्ताख़ मगर याद आया
कोई वीरानी सी वीरानी है .
दश्त को देख के घर याद आया


8. हसरत दिल में है
सादगी पर उस के मर जाने की हसरत दिल में है 
बस नहीं चलता की फिर खंजर काफ-ऐ-क़ातिल में है
देखना तक़रीर के लज़्ज़त की जो उसने कहा 
मैंने यह जाना की गोया यह भी मेरे दिल में है


9. बज़्म-ऐ-ग़ैर
मेह वो क्यों बहुत पीते बज़्म-ऐ-ग़ैर में या रब 
आज ही हुआ मंज़ूर उन को इम्तिहान अपना 

मँज़र इक बुलंदी पर और हम बना सकते “ग़ालिब”
अर्श से इधर होता काश के माकन अपना


मैं नादान था जो वफ़ा को तलाश करता रहा ग़ालिब 
यह न सोचा के एक दिन अपनी साँस भी बेवफा हो जाएगी


11. सारी उम्र
तोड़ा कुछ इस अदा से तालुक़ उस ने ग़ालिब 
के सारी उम्र अपना क़सूर ढूँढ़ते रहे


12. इश्क़ में
बे-वजह नहीं रोता इश्क़ में कोई ग़ालिब 
जिसे खुद से बढ़ कर चाहो वो रूलाता ज़रूर है


13. जवाब
क़ासिद के आते-आते खत एक और लिख रखूँ 
मैं जानता हूँ जो वो लिखेंगे जवाब में



14. जन्नत की हकीकत
हमको मालूम है जन्नत की हकीकत लेकिन 
दिल के खुश रखने को “ग़ालिब” यह ख्याल अच्छा है


15. बेखुदी बेसबब नहीं ‘ग़ालिब
फिर उसी बेवफा पे मरते हैं 
फिर वही ज़िन्दगी हमारी है 

बेखुदी बेसबब नहीं ‘ग़ालिब’
कुछ तो है जिस की पर्दादारी है


16. शब-ओ-रोज़ तमाशा
बाजीचा-ऐ-अतफाल है दुनिया मेरे आगे 
होता है शब-ओ-रोज़ तमाशा मेरे आगे


17. कागज़ का लिबास
सबने पहना था बड़े शौक से कागज़ का लिबास 
जिस कदर लोग थे बारिश में नहाने वाले 

अदल के तुम न हमे आस दिलाओ 
क़त्ल हो जाते हैं, ज़ंज़ीर हिलाने वाले


18. वो निकले तो दिल निकले
ज़रा कर जोर सीने पर 
की तीर-ऐ-पुरसितम् निकले 

जो वो निकले तो दिल निकले, 
जो दिल निकले तो दम निकले


19. खुदा के वास्ते
खुदा के वास्ते पर्दा न रुख्सार से उठा ज़ालिम 
कहीं ऐसा न हो जहाँ भी वही काफिर सनम निकले


20. तेरी दुआओं में असर
तेरी दुआओं में असर हो तो मस्जिद को हिला के दिखा 
नहीं तो दो घूँट पी और मस्जिद को हिलता देख


21. जिस काफिर पे दम निकले
मोहब्बत मैं नहीं है फ़र्क़ जीने और मरने का 
उसी को देख कर जीते है जिस काफिर पे दम निकले


22. लफ़्ज़ों की तरतीब
लफ़्ज़ों की तरतीब मुझे बांधनी नहीं आती “ग़ालिब”
हम तुम को याद करते हैं सीधी सी बात है


23. तमाशा
थी खबर गर्म के ग़ालिब के उड़ेंगे पुर्ज़े,
देखने हम भी गए थे पर तमाशा न हुआ


24. काफिर
दिल दिया जान के क्यों उसको वफादार, असद 
ग़लती की के जो काफिर को मुस्लमान समझा


25. नज़ाकत
इस नज़ाकत का बुरा हो, वो भले हैं तो क्या 
हाथ आएँ तो उन्हें हाथ लगाए न बने 

कह सके कौन के यह जलवागरी किस की है 
पर्दा छोड़ा है वो उस ने के उठाये न बने


26. तनहा
लाज़िम था के देखे मेरा रास्ता कोई दिन और
तनहा गए क्यों, अब रहो तनहा कोई दिन और

इन्हे भी पढ़े: 20 Most Popular Classical Sher of Mirza Ghalib in Hindi


27. रक़ीब
कितने शिरीन हैं तेरे लब के रक़ीब 
गालियां खा के बेमज़ा न हुआ 

कुछ तो पढ़िए की लोग कहते हैं 
आज ‘ग़ालिब‘ गजलसारा न हुआ


28. मेरी वेहशत
इश्क़ मुझको नहीं वेहशत ही सही 
मेरी वेहशत तेरी शोहरत ही सही 

कटा कीजिए न तालुक हम से 
कुछ नहीं है तो अदावत ही सही


29. ग़ालिब
दिल से तेरी निगाह जिगर तक उतर गई 
दोनों को एक अदा में रजामंद कर गई

मारा ज़माने ने ‘ग़ालिब’ तुम को 
वो वलवले कहाँ, वो जवानी किधर गई


30. तो धोखा खायें क्या
लाग् हो तो उसको हम समझे लगाव 
जब न हो कुछ भी, तो धोखा खायें क्या


31. अपने खत को
हो लिए क्यों नामाबर के साथ-साथ या रब! 
अपने खत को हम पहुँचायें क्या


32. उल्फ़त ही क्यों न हो
उल्फ़त पैदा हुई है, कहते हैं, हर दर्द की दवा 
यूं हो हो तो चेहरा -ऐ -गम उल्फ़त ही क्यों न हो .


33. ऐसा भी कोई
ग़ालिब बुरा न मान जो वैज बुरा कहे 
ऐसा भी कोई है के सब अच्छा कहे जिसे


34. तमन्ना कोई दिन और
नादान हो जो कहते हो क्यों जीते हैं ग़ालिब
किस्मत मैं है मरने की तमन्ना कोई दिन और


35. आशिक़ का गरेबां
हैफ़ उस चार गिरह कपड़े की किस्मत ग़ालिब 
जिस की किस्मत में हो आशिक़ का गरेबां होना


36. शमा 
गम-ऐ-हस्ती का असद किस से हो जूझ मर्ज इलाज 
शमा हर रंग मैं जलती है सहर होने तक ..


37. जोश -ऐ -अश्क
ग़ालिब हमें न छेड़ की फिर जोश-ऐ-अश्क से 
बैठे हैं हम तहय्या-ऐ-तूफ़ान किये हुए



Read More: Mirza Ghalib ke 10 Behtreen Sher


TAG:
mirza ghalib, mirza ghalib shayari, mirza ghalib shayari in hindi, mirza ghalib shayari in urdu, mirza ghalib urdu shayari, mirza ghalib quotes, mirza ghalib poems, mirza ghalib poetry, mirza ghalib ghazal, mirza ghalib sher, mirza ghalib ki shayari, mirza ghalib college gaya, mirza ghalib books, mirza ghalib hindi, mirza ghalib in hindi, mirza ghalib movie, mirza ghalib love shayari, mirza ghalib birthday, mirza ghalib biography in urdu, mirza ghalib hindi poetry, mirza ghalib poetry in hindi, mirza ghalib ki haveli, mirza ghalib songs, mirza ghalib film, mirza ghalib ki ghazal, mirza ghalib poetry in urdu, mirza ghalib urdu poetry, mirza ghalib urdu, mirza ghalib quotes in hindi, mirza ghalib in urdu, mirza ghalib serial

Latest Sad Shayari with Photos

sad shayari

यारो हम तो उसके ही गम में अंदर से बिखर गए,
यारो सच तो यही है कि बस हम तो मर गए।

sad shayari

बहते अश्कों की ज़ुबान नही होती,
मोहब्बत करना आसान नही होती,
मिलजाए इश्क तो कदर करना क्योंकि,
किस्मत हर वक्त महरबान नही होती।

sad shayari

हमने दिल को लगाया, ये कैसा रोग लगा लिया,
हमने यूँ ही बैठे बिठाए मौत को गले लगा लिया।

sad shayari

तूने ये कैसी बिन बताये दूरियां बड़ाई हैं,
बिछड़ कर इश्क में ये कैसा अधूरा पन लाई है,
मेरे नसीब में गम हिस्से आया है तो गम नही,
लेकिन उसकी किस्मत तो दुबारा रंग लाई है।

sad shayari

मै ये तलब नही करता मेरे गमो का सैलाब थम जाए,
मैं ये सोचकर डरता हूँ कहीं उसका दिल न बदल जाये,
अगर तेरे दिल मे कभी मुझे भूल जाने का ख्याल आये,
तो हमे ज़ख्म इतना देना की हमारी जान चली जाए।

[आश्चर्यजनक तथ्य]: पीसा की झुकी मीनार के बारे में रोचक बातें – Interesting things about Pisa’s leaning Tower

पीसा की झुकी मीनार के बारे में रोचक बातें – Interesting things about Pisa’s leaning Tower


पीसा की झुकी हुई मीनार इटली के पीसा शहर (Pisa city) में स्थित है यह मीनार अपने झुकाव के लिए दुनियॉभर में जानी जाती है प्रत्‍येक वर्ष हजारों लोग इस मीनार को देखने के लिए आते है

पीसा की झुकी मीनार के बारे में – Interesting things about Pisa’s leaning Tower

पीसा की झुकी मीनार के बारे में रोचक बातें – Interesting things about Pisa’s leaning Tower

  • पीसा की इस मीनार का निर्माण कार्य 1174 ई० से 1350 ई० तक चला था
  • युद्ध होने के कारण इस मीनार का निर्माण 199 वर्ष तक रोक दिया गया था
  • इस मीनार को पूरा करने में लगभग 200 वर्ष का समय लगा था
  • इस मीनार में आठ मंजिलें हैं
  • इस मीनार में ऊपर जाने के लिए सिढियॉ बनी हुई हैं जिनकी संख्‍या 300 है
  • इस मीनार की झुकाव की तरफ ऊॅचाई 55.86 मीटर यानि 183.27 फीट  है
  • दूसरी तरफ इसकी ऊॅचाई 56.67 मीटर यानि 185.93 फीट है
  • इस मीनार के बनने के 12 साल बाद ही पता चल गया था क‍ि मीनार झुक रही है
  • लेकिन तब तक इस मीनार की तीन मंजिलें बन चुकीं थी
  • इस मीनार को वास्तुशिल्पी यानी बनाने वाले गुग्लेल्लो और बोनानो पिस्नो थे
  • इसके गिरने के खतरे को देखते हुऐ इस मीनार को 11 साल के लिए बन्‍द कर दिया गया था
  • और इसे वर्ष 2001 में दोवारा से खोला गया था
  • इस मीनार का निर्माण गिरजाघर के घंटाघर के रूप में बनाया गया था
  • जहॉ यह मीनार खडी है उस स्‍थान को कैथेड्रल स्क्वायर कहा जाता है
  • कैथेड्रल स्क्वायर को 1987 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था